

शनिवार को मनपा के सभी स्कूलों में जल संरक्षण को लेकर बैठकें आयोजित की गईं।
वाहनों की धुलाई और आंगन-सड़कों की सफाई के लिए पीने का पानी इस्तेमाल न करने की अपील।
अगले सप्ताह शहर के निजी विद्यालयों में अभिभावक सभाओं के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
Water Crisis In Chhatrapati Sambhajinagar: राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने पहल की है।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे की संकल्पना और निर्देशों के अनुसार शहर के सभी महानगरपालिका तथा निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा। अभियान के पहले चरण में शनिवार को मनपा के सभी विद्यालयों में अभिभावक सभाओं का आयोजन किया गया।
इन सभाओं में अभिभावकों से पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने और इसका अनावश्यक उपयोग रोकने की अपील की गई। उन्हें बताया गया कि पीने का पानी घरों तक पहुंचाने के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं। ऐसे में पानी की बर्बादी रोकना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
अभिभावकों से कहा गया कि पीने के पानी से वाहनों की धुलाई न करें। आंगन और सड़कों की सफाई के लिए पीने के पानी का उपयोग करने से बचें। इसी तरह पेड़-पौधों को सींचने के लिए भी पीने के पानी के बजाय अन्य उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग करें।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा प्रशासन ने अपील की कि यदि प्रत्येक नागरिक पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प ले, तो भविष्य में जल संकट की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है। सभी नागरिक जिम्मेदारी से व्यवहार करें और जल संरक्षण के प्रयासों में महानगरपालिका का सहयोग करें।
इस अभियान के अंतर्गत मनपा आयुक्त अमोल येडगे का जल संरक्षण संबंधी संदेश देने वाला वीडियो भी अभिभावकों तक पहुंचाया गया है। अगले सप्ताह शहर के सभी निजी विद्यालयों में भी अभिभावक सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
यह अभियान उप आयुक्त अंकुश पांढरे के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। ज्ञानदेव सांगले ने इसकी योजना तैयार की। सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने सभाओं के आयोजन में सहयोग किया। मनपा प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और इसे व्यर्थ बहने से रोकें।