

छत्रपति संभाजीनगर के कारोबारी ने 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नहीं लौटाने की शिकायत की।
टेस्ला पावर इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कविंदर खुराणा और वतिका खुराणा के खिलाफ मामला दर्ज।
अक्टूबर 2021 में कारोबारी को शहर के लिए C&F साझेदारी मिली थी।
कंपनी के खाते में 1 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा किए गए थे।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
Tesla Power India Limited Kavinder Khurana Fraud Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर के कारोबारी अतुल पायगव्हाण की शिकायत पर टेस्ला पावर इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कविंदर खुराणा और वतिका खुराणा के खिलाफ कथित तौर पर 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नहीं लौटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। कारोबारी ने कंपनी के साथ C&F साझेदारी के लिए 1 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा किया था। क्रांति चौक पुलिस मामले की जांच कर रही है।
छत्रपति संभाजीनगर, C&F साझेदारी समाप्त होने के बाद भी कारोबारी की 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नहीं लौटाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर टेस्ला पावर इंडिया लिमिटेड, गुरुग्राम के प्रबंध निदेशक कविंदर खुराणा और वतिका खुराणा के खिलाफ क्रांति चौक पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
समता नगर निवासी कारोबारी अतुल पायगव्हाण की फर्म एपी एंटरप्राइजेज ने अगस्त 2021 में टेस्ला पावर कंपनी से संपर्क किया था। इसके बाद अक्टूबर 2021 में उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के लिए C&F साझेदारी दी गई। इस साझेदारी के लिए पायगव्हाण ने कंपनी के खाते में NEFT के माध्यम से 1 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा कराए थे।
इसके बाद उन्होंने कारोड़ी क्षेत्र में गोदाम किराए पर लेकर ऑटोमोटिव बैटरियों, इन्वर्टर और सोलर पैनल का कारोबार शुरू किया। समझौते के अनुसार, उन्हें बिक्री पर 3.75 प्रतिशत कमीशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट पर सालाना 6 प्रतिशत लाभ मिलना तय हुआ था।
सितंबर 2023 में कंपनी का नाम बदलकर टेस्ला पावर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया और नया समझौता किया गया। बाद में राज्य में मंदी और बिक्री में गिरावट के कारण दिसंबर 2024 के अंत में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से कारोबार बंद करने का निर्णय लिया।
शिकायत के अनुसार, पायगव्हाण ने गोदाम में बचा हुआ पूरा स्टॉक कंपनी के गुरुग्राम स्थित मुख्यालय को वापस भेज दिया। इसके बाद उन्हें कंपनी से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी प्राप्त हुआ।
बताया गया है कि कंपनी ने मार्च 2025 के अंत तक सिक्योरिटी डिपॉजिट, बकाया कमीशन और ब्याज सहित कुल 1,22,12,000 रुपये लौटाने का लिखित आश्वासन दिया था। हालांकि, तय समय सीमा बीतने के बाद भी रकम नहीं लौटाई गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने भुगतान नहीं किया और बाद में संपर्क करना भी बंद कर दिया। इसके बाद कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के आधार पर क्रांति चौक पुलिस ने कविंदर खुराणा और वतिका खुराणा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि समझौते के तहत तय राशि का भुगतान क्यों नहीं हुआ और मामले में कथित धोखाधड़ी की क्या भूमिका रही। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।