

Sambhajinagar VBA Action Deman On Objectionable Comment: वंचित बहुजन आघाड़ी के युवा नेता तथा राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुजात आंबेडकर के संबंध में सामाजिक माध्यम पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पुलिसकर्मी और गृहरक्षक दल के कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उपअधीक्षक सूर्यकांत कोकणे को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि ‘जय भीम जेन-जी’ कार्यक्रम में सुजात आंबेडकर ने शहरों के नामकरण को लेकर अपना मत व्यक्त किया था। इसके बाद सामाजिक माध्यम पर चर्चा के दौरान फरदापुर में कार्यरत पुलिसकर्मी शंकर मडपे और गृहरक्षक दल के कर्मचारी यश काकडे के फेसबुक खातों से सुजात आंबेडकर के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक और अश्लील टिप्पणियां की गईं।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने आरोप लगाया कि पुलिस सेवा से जुड़े कर्मचारियों द्वारा किसी राजनीतिक नेता के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया जाना गंभीर मामला है।
संगठन का कहना है कि पुलिसकर्मी और गृहरक्षक दल के कर्मचारी समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर उनके कथित व्यवहार की भी जांच आवश्यक है।
VBA ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों की सत्यता और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन ने आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगरसेवक अमित भुईगल, जिलाध्यक्ष रूपचंद गाडेकर, पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर तायडे, मध्य शहराध्यक्ष मिलिंद बोर्डे और युवा पश्चिम शहराध्यक्ष राहुल मकासरे सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इनके अलावा अक्रम खान, वंदना जाधव, रामदास वाघमारे, प्रविण हिवाले, मुक्तार सय्यद और भगवान खिल्लारे सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन की ओर से पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द जांच कर कार्रवाई की मांग की गई।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने स्पष्ट किया कि यदि चार दिन के भीतर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन के दौरान कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।