

Mahavitaran Inter Circle Drama Competition Wari Rajabhiyog: महावितरण की क्षेत्रीय अंतरपरिमंडलीय नाट्य स्पर्धा में जलगांव परिमंडल के 'वारी' नाटक ने सर्वश्रेष्ठ नाटक का पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के ‘राजाभियोग’ को दूसरा स्थान मिला।
कर्मचारियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस स्पर्धा का समापन शुक्रवार को तापडिया नाट्यगृह में हुआ।
नाट्य स्पर्धा के दूसरे दिन छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल की ओर से 'राजाभियोग' नाटक प्रस्तुत किया गया। पेशवाई काल के सत्ता संघर्ष और उस दौर की न्याय व्यवस्था को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस नाटक ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
वहीं लातूर परिमंडल की टीम ने 'रंगलेल्या गालाचा' नाटक का मंचन किया। इस प्रस्तुति में मानवीय मूल्यों, सामाजिक विसंगतियों और वर्तमान समय में पैदा हो रहे वैचारिक भ्रम पर व्यंग्यात्मक तरीके से प्रकाश डाला गया। दोनों नाटकों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और कलाकारों के अभिनय व मंचन की अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
निर्णायकों ने जलगांव परिमंडल के ‘वारी’ को प्रथम तथा छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के 'राजाभियोग' को द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना। निर्देशन में जलगांव के सागर सदावर्ते प्रथम तथा छत्रपति संभाजीनगर के रमेश शिंदे द्वितीय रहे।
पुरुष अभिनय में रमेश शिंदे और महिला अभिनय में अश्विनी पोतलवाड ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। पुरुष अभिनय में जलगांव के राहुल निकम तथा महिला अभिनय में लातूर की वसुधा सोलुंके दूसरे स्थान पर रहीं।
मंच सज्जा में कमलेश भोले, प्रकाश व्यवस्था में रवींद्र चौधरी, संगीत में आशिष कासार तथा रूप सज्जा एवं वेशभूषा में दीपक कोली प्रथम रहे। कर्मचारी लेखक का पुरस्कार नांदेड के प्रमोद देशमुख को मिला। अभिनय के लिए प्रशांत जानराव, निवृत्ती जाधव, पल्लवी गायकवाड और दीपाली नरवाडे को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।
समापन समारोह में लातूर परिमंडल के मुख्य अभियंता अरविंद बुलबुले, छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के प्रभारी मुख्य अभियंता मनीष ठाकरे, सांघिक कार्यालय के महाव्यवस्थापक राजेंद्र पांडे, अधीक्षक अभियंता जीवन चव्हाण तथा निर्णायक डॉ. दिलीप घारे, पद्मनाभ पाठक और योगिता महाजन ने विजेताओं को सम्मानचिह्न और प्रमाणपत्र प्रदान किए।
उपमुख्य औद्योगिक संबंध अधिकारी मधुसूदन मराठे भी उपस्थित रहे। डॉ. शिवाजी तिकांडे ने परिचय कराया, जबकि अविनाश सानप ने संचालन किया।