

Yavatmal VBA Minister Protest : यवतमाल में 4,601.13 करोड़ रुपये की निधि को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए निर्धारित राशि को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना की ओर मोड़ा गया है।
इसी मुद्दे को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के आवास का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए निर्धारित निधि को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने यवतमाल में आंदोलन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज वाघमारे के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और अनुसूचित जाति-जमाति के नागरिक आदिवासी विकास मंत्री प्रा. डॉ. अशोक उईके के निवास पर पहुंचे और घेराव आंदोलन किया।
वंचित बहुजन आघाड़ी का आरोप है कि अनुसूचित जाति घटक के लिए निर्धारित 3,594.03 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति घटक की 1,007.10 करोड़ रुपये की निधि, यानी कुल 4,601.13 करोड़ रुपये, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर मोड़ी गई है। संगठन ने इस राशि को वापस करने की मांग की है।
VBA का कहना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए निर्धारित निधि का उपयोग संबंधित समुदायों की जरूरतों के लिए किया जाना चाहिए। संगठन के अनुसार इस राशि से शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, सामाजिक-आर्थिक विकास तथा दलित और आदिवासी बस्तियों के विकास से जुड़े काम किए जाने हैं।
इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही है। यवतमाल में किया गया मंत्री आवास का घेराव भी इसी आंदोलन का हिस्सा था।
आंदोलन के दौरान डॉ. नीरज वाघमारे ने सरकार से निधि के मुद्दे पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के विकास के लिए निर्धारित राशि वापस मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
वंचित बहुजन आघाड़ी आंदोलन के बाद वाघमारे ने कहा कि यह केवल पैसों का मुद्दा नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकार की निधि के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है और जब तक राशि वापस नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के हक की निधि को दूसरी योजना में मोड़ना संगठन को स्वीकार नहीं है। VBA ने सरकार से 4,601.13 करोड़ रुपये की निधि वापस करने की मांग दोहराते हुए आंदोलन को आगे और तीव्र करने की चेतावनी दी।