

Voter List Draft On August 31: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अगले चरण में अब सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 31 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इसके बाद नागरिक 30 सितंबर तक अपने नाम और मतदाता सूची में दर्ज विवरण की जांच कर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इसी को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें और दावे-आपत्तियों का निपटारा नियमानुसार हो, इसके लिए जिला स्तर पर सक्षम व्यवस्था तैयार रखी जाए। स्मार्ट सिटी कार्यालय में छत्रपति संभाजीनगर संभाग के SIR कार्य की समीक्षा बैठक में चोक्कलिंगम ने आठों जिलों की तैयारियों का जायजा लिया।
चोक्कलिंगम ने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक नागरिक को अपना नाम जांचना चाहिए। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उसकी वर्तमान निवास स्थिति की जांच कर आवश्यकतानुसार प्रपत्र क्रमांक 6 के माध्यम से आवेदन लिया जाए।
नाम में सुधार के लिए प्रपत्र 8 तथा नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए प्रपत्र 7 पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर नागरिकों की शंकाओं का समाधान होना चाहिए। निर्वाचन अधिकारियों और मतदान केंद्रस्तरीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय रखकर दावे, आपत्तियों और शिकायतों का समय पर निपटारा किया जाए।
SIR की प्रक्रिया में प्रारूप मतदाता सूची के पन्नों और नोटिसों की छपाई महत्वपूर्ण होने के कारण चोक्कलिंगम ने जिला स्तर पर इसकी पूर्व तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने आठों जिलों में उपलब्ध प्रिंटिंग मशीनरी, संबंधित संस्थाओं की क्षमता और छपाई की कार्य योजना की समीक्षा की।
नोटिस जारी करने, दस्तावेज एकत्र करने और प्राथमिक जांच के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था अपनाने को कहा। अनमैप्ड अथवा मैपिंग से बाहर रह गए मतदाताओं के मामलों में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। पात्र मतदाताओं के मोबाइल नंबर, फोटो पहचान पत्र और अन्य वैध पहचान दस्तावेजों के माध्यम से संपर्क एवं सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाने की बात कही गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पहली बार मतदान के पात्र हुए युवाओं के पंजीकरण के लिए विशेष जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। महाविद्यालयों, कनिष्ठ महाविद्यालयों और मतदाता साक्षरता मंचों के माध्यम से युवाओं को मतदाता पंजीकरण की जानकारी देने को कहा गया। राजनीतिक दलों, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी निर्वाचन प्रक्रिया की सही जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि संभाग के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, लातूर, हिंगोली, धाराशिव और नांदेड जिलों में SIR के पहले चरण का काम निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया गया है। इसमें घर-घर सर्वेक्षण, गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन, मतदाता रिकॉर्ड की मैपिंग और डिजिटलीकरण तथा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की जांच की गई।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेगी। दावे-आपत्तियों पर नोटिस जारी करने और उनका निपटारा करने की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
चोक्कलिंगम ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है। साथ ही पात्र नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से पूरी हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
बैठक में विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, छत्रपति संभाजीनगर के जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी., जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल, बीड के जिलाधिकारी विवेक जॉन्सन, नांदेड के जिलाधिकारी राहुल कर्डिले, परभणी के जिलाधिकारी संजय सिंह चव्हाण, लातूर के जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।