

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर मनपा कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए शुरू की गई डिजिटल हाजिरी व्यवस्था पर हर साल करीब 54 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। पिछले दो वर्षों से निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखने के लिए मंगलवार को हुई आमसभा में एक करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई। हालांकि, अब इस सेवा के लिए नए सिरे से निविदा प्रक्रिया अपनाने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
महापालिका में कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज करने के लिए पहले अंगूठे की छाप लेने वाली मशीनें लगाई गई थी। इसके बाद चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली भी शुरू की गई। इन व्यवस्थाओं पर खर्च करने के बाद अब मोबाइल ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज की जा रही है। करीब दो वर्ष पहले एम।एस। वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार ऐप को महापालिका ने स्वीकार किया था। एजेंसी की नियुक्ति नियमित निविदा के बजाय आपातकालीन प्रावधान के तहत की गई थी।
ऐप में स्थायी और ठेका कर्मचारियों की जानकारी दर्ज है। प्रत्येक कर्मचारी का कार्यस्थल भी निर्धारित किया गया है। कर्मचारियों को सुबह और शाम निर्धारित स्थान पर पहुंचकर मोबाइल से तस्वीर लेकर उपस्थिति दर्ज करनी होती है। माह समाप्त होने पर एजेंसी उपस्थिति पत्रक तैयार कर स्थापना विभाग को देती है। जांच के बाद इसे लेखा विभाग को भेजा जाता है और इसी आधार पर वेतन तैयार किया जाता है।
महापालिका प्रत्येक कर्मचारी की हाजिरी के लिए प्रतिदिन 1.97 रुपये खर्च करती है। इससे प्रतिमाह करीब साढ़े चार लाख और प्रतिवर्ष लगभग 54 लाख रुपये खर्च होते हैं। आमसभा ने सेवा के लिए एक करोड़ रुपए की राशि मंजूर करते हुए भविष्य में एजेंसी का चयन निविदा के माध्यम से करने का निर्देश दिया।