

Bidkin Police Constable Caught By ACB: वाहन चलाने की अनुमति देने के लिए मासिक हफ्ते के रूप में एक हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले पुलिस हवलदार को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, जालना की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान भारत लालचंद चव्हाण (46) के रूप में हुई है. वह पुलिस हवलदार, बकल नंबर 422, नियुक्ति पुलिस थाना बिडकीन, छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के पद पर कार्यरत है।मामले में 40 वर्षीय शिकायतकर्ता व्यवसाय से बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर हैं।
उनके पास टाटा कंपनी का वाहन है, जिसका उपयोग जालना से बिडकीन मार्ग पर किया जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने वाहन निर्बाध चलाने देने के लिए हर महीने एक हजार रुपये हफ्ते की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने मांग की पुष्टि की और जाल बिछाया।
भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने 2 सितंबर को पैठण-बिडकीन मार्ग पर MIDC क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस हवलदार भारत लालचंद चव्हाण को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। कार्रवाई स्वराज ऑटोमोबाइल के सामने की गई, जहां आरोपी शिकायतकर्ता से वाहन निर्बाध रूप से चलाने की अनुमति के बदले एक हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पहले रिश्वत की मांग की पुष्टि की और इसके बाद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को रकम दी और मौके पर मौजूद ACB अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की यह कार्रवाई पुलिस उपअधीक्षक बी. एस. जाधवर की देखरेख में की गई। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने शिकायत की जांच और रिश्वत की मांग की पुष्टि की।
इसके बाद नियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया और आरोपी पुलिस हवलदार को एक हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। पूरे अभियान के दौरान टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक माधुरी केदार कांगणे तथा अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत सिंगारे का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अधिकारियों के निर्देशन में ACB टीम ने कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया। मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।