सूखाग्रस्त क्षेत्रों की छात्राओं की परीक्षा फीस माफ करें, एस.एन.डी.टी. विश्वविद्यालय के कुलसचिव को ज्ञापन

Drought Affected Students: सूखाग्रस्त क्षेत्रों की छात्राओं की चालू शैक्षणिक सत्र की परीक्षा फीस 100 प्रतिशत माफ करने की मांग की गई है। डॉ. साईनाथ बनसोडे ने SNDT महिला विश्वविद्यालय को निवेदन सौंपा।
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परीक्षा फीस माफ ज्ञापन (सोर्सः सोशल मीडिया)
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SNDT Women's University Sambhajinagar: राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की छात्राओं की चालू शैक्षणिक सत्र की परीक्षा फीस 100 प्रतिशत माफ करने की मांग एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय के व्यवस्थापन परिषद सदस्य डॉ. साईनाथ बनसोडे ने की है। इस संबंध में उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ। विलास नांदवाडेकर को निवेदन सौंपा।

निवेदन में कहा गया है कि राज्य के अनेक क्षेत्रों में सूखे जैसी गंभीर स्थिति के कारण किसान, मजदूर और ग्रामीण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में परिवारों के लिए छात्राओं की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन हो गया है। परीक्षा शुल्क भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बन रहा है।

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डॉ. साईनाथ बनसोडे ने सौंपा निवेदन

डॉ. बनसोडे ने कहा कि केवल आर्थिक कठिनाई के कारण किसी छात्रा को परीक्षा देने या उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी है कि संकट की इस घड़ी में छात्राओं को आवश्यक राहत प्रदान करे।

उन्होंने मांग की कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाली सभी छात्राओं की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की जाए, ताकि उनकी शिक्षा और परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके। डॉ. बनसोडे ने कुलसचिव से इस मांग पर तत्काल और सहानुभूतिपूर्वक विचार कर छात्राओं के हित में सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।

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महत्वपूर्ण कदम साबित

सूखा प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए परीक्षा शुल्क में राहत छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। फीस माफ होने से परिवारों पर आर्थिक दबाव कम होगा और छात्राओं को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने की स्थिति से बचाया जा सकेगा।

साथ ही, विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसी पहल से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को उच्च शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस निर्णय से शिक्षा में समान अवसर और छात्राओं के शैक्षणिक हितों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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