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छत्रपति संभाजीनगर के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम दुर्गादास टाकलकर को आईएमए महाराष्ट्र के राज्यस्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।
डॉ. टाकलकर दो दशक से अधिक समय से चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं और त्वचा रोगों, बालों की समस्याओं तथा लेजर उपचार के क्षेत्र में योगदान दे चुके हैं।
आईएमए छत्रपति संभाजीनगर शाखा के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने ‘आओ गांव चलें’ अभियान के माध्यम से पांच गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया।
Chhatrapati Sambhajinagar Health Services: चिकित्सा सेवा को जनसेवा का माध्यम बनाने और चिकित्सकों के हितों की आवाज बुलंद करने वाले शहर के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम दुर्गादास टाकलकर को आईएमए महाराष्ट्र राज्य के प्रतिष्ठित ‘स्टेट प्रेसिडेंट एप्रिसिएशन अवॉर्ड’ के लिए चुना गया है।
दो दशक से अधिक की चिकित्सा सेवा, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल और चिकित्सा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए किए गए प्रयासों को उनके चयन का प्रमुख आधार माना गया है। इस सम्मान से छत्रपति संभाजीनगर और मराठवाड़ा के चिकित्सा जगत में गौरव का वातावरण है।
डॉ. टाकलकर पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से छत्रपति संभाजीनगर और मराठवाड़ा में मरीजों को चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। त्वचा रोगों, बालों से जुड़ी समस्याओं और आधुनिक लेजर उपचार के क्षेत्र में उन्होंने विशेष योगदान दिया है। नवीनतम चिकित्सा तकनीकों को बढ़ावा देकर उन्होंने स्थानीय मरीजों को अपने ही शहर में उन्नत उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
आईएमए छत्रपति संभाजीनगर शाखा के वर्ष 2025-26 में अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने संगठन की गतिविधियों को सामाजिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा। ‘आओ गांव चलें’ अभियान के माध्यम से पांच गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया। ‘आईएमए कनेक्ट’ के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, अनाथ बच्चों और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सेवाभावी गतिविधियां आयोजित की गईं।
चिकित्सा विद्यार्थियों में मानसिक तनाव और आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डॉ. टाकलकर ने ‘आईएमए साथी’ पहल शुरू की। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को परामर्श, मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच शिविरों, अंगदान जागरूकता, सड़क सुरक्षा अभियानों और बाढ़ प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉक्टरों के व्यावसायिक हितों की रक्षा और चिकित्सा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए भी वे सक्रिय हैं। वर्तमान में वे आईएमए महाराष्ट्र राज्य के संयुक्त सचिव हैं। साथ ही, आईएमए मुख्यालय की राष्ट्रीय विधिक स्थायी समिति के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं। राज्यस्तर पर मिला यह सम्मान चिकित्सा सेवा, सामाजिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान की महत्वपूर्ण पहचान है।