

पटाखों की चिंगारी, गर्मी और उड़ते कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बच्चों के साथ आसपास खड़े लोगों को भी आंखों में चोट लगने का खतरा।
फुलझड़ी, अनार और चकरी से कम से कम पांच मीटर की दूरी रखने की सलाह।
नहीं फूटे पटाखे को दोबारा जलाने का प्रयास न करें।
आंख में कण जाने पर रगड़ने, तेल या घरेलू दवा डालने से बचें और तुरंत नेत्र चिकित्सक के पास जाएं।
Sambhajinagar Ophthalmological Society Diwali Eye Safety Advisory: दीपावली पर पटाखों से निकलने वाली चिंगारी, गर्मी और उड़ते कण आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। औरंगाबाद नेत्र विशेषज्ञ संघ ने नागरिकों को सुरक्षा चश्मा पहनने, पटाखों से दूरी रखने और आंख में चोट लगने पर उसे न रगड़ने की सलाह दी है।
छत्रपति संभाजीनगर में दीपावली की तैयारियों के बीच नेत्र विशेषज्ञों ने पटाखों से होने वाली आंखों की चोटों को लेकर चेतावनी जारी की है। पटाखों से निकलने वाली एक छोटी सी चिंगारी भी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। कई बार कॉर्निया यानी आंख के पारदर्शी हिस्से में गंभीर चोट लगने से रोशनी को स्थायी नुकसान होने का खतरा रहता है। ऐसे हादसों से बचने के लिए औरंगाबाद नेत्र विशेषज्ञ संघ ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पटाखों का विस्फोट, उससे निकलने वाली गर्मी, धुआं और हवा में उड़ने वाले कण आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसका खतरा केवल पटाखे जलाने वाले व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि आसपास खड़े लोगों को भी रहता है। विशेष रूप से बच्चों को पटाखे जलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखे जलाने के साथ उन्हें देखते समय भी आंखों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए साधारण अथवा रेशेदार सुरक्षा चश्मे का उपयोग करना चाहिए। फुलझड़ी, अनार और चकरी जैसे पटाखों से कम से कम पांच मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
पटाखे जलाते समय की गई छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि कोई पटाखा नहीं फूटता है तो उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें। अनार, चकरी और बम जैसे पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाने से भी बचना चाहिए।
विस्फोट के दौरान उड़ने वाले कांच के टुकड़े और अन्य कण आंखों को गंभीर रूप से घायल कर सकते हैं। पटाखे जलाने वाली जगह पर पानी और रेत से भरी बाल्टियां रखना भी जरूरी है, ताकि आग लगने या जले हुए पटाखों की स्थिति में तत्काल बचाव किया जा सके।
यदि पटाखे की चिंगारी या कोई कण आंख में चला जाए तो घबराहट में आंख को रगड़ने की गलती न करें। इससे कॉर्निया को गंभीर और स्थायी नुकसान हो सकता है। यदि कोई वस्तु आंख में फंस गई है तो उसे खुद निकालने या आंख पर दबाव डालने का प्रयास न करें।
आंख में तेल, मलहम या घरेलू दवाएं डालने से भी बचना चाहिए। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि आंख को बिना दबाव दिए साफ कागज के कप से हल्के से ढककर सुरक्षित रखें और तत्काल नेत्र चिकित्सालय पहुंचें।
औरंगाबाद नेत्र विशेषज्ञ संघ की अध्यक्ष डॉ. शुभा झंवर, सचिव डॉ. जगदीश लोया, कोषाध्यक्ष डॉ. अभिजित गोरे और वैज्ञानिक समिति की अध्यक्ष डॉ. अर्चना पाटील बरे ने ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संघ ने नागरिकों से पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने और आंखों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील की है।