

Marathwada Drought Monitoring: ‘विकसित महाराष्ट्र 2030’ के तहत ‘विकसित मराठवाडा’ की संकल्पना को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को ठोस और परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार करनी होगी। विभाग प्रमुख अपने विभाग में पूर्ण हो चुके, जारी और लंबित विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करें। लंबित परियोजनाओं के कारण और उनके समाधान के उपायों की भी स्पष्ट जानकारी दी जाए।
जिन प्रस्तावों के लिए धनराशि आवश्यक है और जिनके लिए अतिरिक्त धनराशि की जरूरत नहीं है, उन्हें अलग-अलग प्रस्तुत करने के निर्देश विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने दिए। विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मराठवाडा के विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में सीएसटी के सह आयुक्त अभिजित राऊत, महावितरण के सह प्रबंध निदेशक गजेंद्र बावने, अपर विभागीय आयुक्त रिता म्हेत्रेवार, सह आयुक्त मंजुषा मिसकर सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
जी. श्रीकांत ने कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी रोकने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। किसी परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर इसकी जानकारी समय पर दी जाए। लंबित मामलों का संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समाधान करें।
उन्होंने कहा कि मराठवाडा के विकास के प्रस्तावों को महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य से जोड़ा जाना चाहिए। केवल धनराशि मांगने के बजाय ऐसे प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिनसे रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को लंबे समय तक गति मिल सके। उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर भी ध्यान दिया जाए।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इसके तहत प्रमाणपत्र वितरण, सेवा शिविर और नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकारी सेवाओं को सरल, तेज और बेहतर बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
जी. श्रीकांत ने कहा कि प्रशासन में युवा कर्मचारियों की नई सोच का उपयोग किया जाना चाहिए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी के सुझावों को समान महत्व दिया जाए। ‘मंथन शिविर’ में कर्मचारियों के उपयोगी सुझावों पर चर्चा कर उन्हें अन्य विभागों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार के लिए नए कर्मचारियों से भी सुझाव मांगे जाएंगे। पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और कार्यप्रणाली से संबंधित सुझाव लिखित रूप में या ई-मेल के माध्यम से लिए जाएंगे। इन सुझावों को 21 सितंबर को आने वाली समिति के सामने रखा जाएगा।
मराठवाडा में बारिश का अंतराल बढ़ने से संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। लातूर, धाराशिव, परभणी, जालना और बीड जिलों की स्थिति पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों को सूखा निवारण संबंधी सरकारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रत्येक सोमवार को काम शुरू होने से पहले एक घंटे श्रमदान से सफाई करने को कहा गया है। कार्यालयों में गुटखा खाकर थूकने पर रोक लगाने और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच सरकारी कार्यालयों की अचानक जांच की जाएगी। अस्वच्छता पाए जाने पर संबंधित कार्यालय प्रमुख पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।