

35000 Sq Meter Land TDR Development: नासिक मनपा द्वारा शहर के विकास आराखड़े में वर्षों से लंबित पड़े सार्वजनिक आरक्षणों को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया अब तेजी से शुरू कर दी गई है। टीडीआर नियमों में किए गए हालिया बदलावों के चलते शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 35 हजार वर्ग मीटर जमीन सीधे मनपा के कब्जे में उपलब्ध होने की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
इस सकारात्मक पहल से शहर में उद्यान, खेल मैदान, सब्जी मंडी, अस्पताल और अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं के विकास का रास्ता पूरी तरह से खुल गया है।
मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने नासिक के रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने के साथ ही लंबे समय से अटके पड़े सार्वजनिक आरक्षणों को हासिल करने के लिए टीडीआर और एफएसआई के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने का सराहनीय प्रयास किया है।
जमीन मालिकों को नकद मुआवजे के बजाय विकास अधिकार (टीडीआर) देने से मनपा के खजाने पर पड़ने वाला सीधा आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो सकता है। साथ ही, जमीन मालिकों को भी अपनी बंजर या आरक्षित जमीन के बदले उचित विकास अधिकार प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
शहर के विकास आराखड़े में अनेक स्थानों पर सार्वजनिक और नागरिक सुविधाओं के लिए जमीनें आरक्षित हैं। इन जमीनों को सीधे खरीदने के लिए भारी-भरकम राशि की आवश्यकता होती थी, जिसके कारण धन की कमी के चलते कई आरक्षण वर्षों से लंबित पड़े थे।
अब टीडीआर के माध्यम से जमीन मालिकों को लाभ देकर आरक्षित जमीन प्राप्त करने का विकल्प मिलने से बच्चों के लिए खेल मैदान, नागरिकों के लिए सुंदर उद्यान और स्थानीय निवासियों के लिए व्यवस्थित बाजार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नासिक मनपा ने एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली 2020 के अंतर्गत अतिरिक्त एफएसआई के उपयोग के संबंध में 50:50 का महत्वपूर्ण नियम लागू किया है। इसके अनुसार अतिरिक्त निर्माण के लिए आवश्यक एफएसआई में 50 प्रतिशत प्रीमियम एफएसआई और 50 प्रतिशत टीडीआर का उपयोग करना अब सभी विकासकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
पहले कई विकासक केवल प्रीमियम एफएसआई खरीदकर ही अतिरिक्त निर्माण कर लेते थे, जिससे बाजार में टीडीआर की मांग कम हो गई थी। अब इस नए नियम के आने से टीडीआर के उपयोग और बाजार में इसके लेन-देन को जबरदस्त गति मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।