

23 दिनों में जिले में 5,666 जन्मों का पंजीकरण।
ग्रामीण क्षेत्र में 1,222 और शहरी क्षेत्र में 4,444 पंजीकरण।
4,647 बच्चों के जन्म 21 दिनों के भीतर दर्ज किए गए।
निर्धारित समय में पंजीकरण का प्रतिशत 82.02 रहा।
जिला परिषद ने अभिभावकों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की।
Chhatrapati Sambhajinagar Birth Registration Seva Sankalp Campaign: छत्रपति संभाजीनगर जिले में जन्म प्रमाण-पत्र बच्चों के शैक्षणिक प्रवेश, सरकारी योजनाओं, पहचान-पत्र, पासपोर्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में सेवा संकल्प अभियान चलाया गया। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 23 दिनों में कुल 5,666 बच्चों के जन्म का पंजीकरण किया गया।
जिला परिषद के जन्म-मृत्यु विभाग के जिला रजिस्ट्रार डॉ. अभय धानोरकर के अनुसार, इन पंजीकरणों में ग्रामीण क्षेत्र के 1,222 और शहरी क्षेत्र के 4,444 जन्म शामिल हैं।
अभियान के दौरान दर्ज कुल 5,666 जन्मों में से 4,647 का पंजीकरण जन्म के निर्धारित 21 दिनों के भीतर किया गया। यह कुल पंजीकरण का 82.02 प्रतिशत है। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक अभिभावक तय समयसीमा में पंजीकरण कराएं, ताकि एक वर्ष से अधिक विलंब से होने वाले जन्म पंजीकरण के मामलों को कम किया जा सके।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर ऐड ओल्ड टैब के माध्यम से प्राप्त पुराने जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड की लंबित प्रविष्टियों का भी निपटारा किया गया। सांख्यिकी अन्वेषक सानिया सैयद और सांख्यिकी पर्यवेक्षक राजेंद्र लांधी ने इन प्रविष्टियों को पूरा करने में योगदान दिया।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत जन्म का पंजीकरण निर्धारित समय में कराना जरूरी है। डॉ. धानोरकर ने अभिभावकों से संबंधित ग्राम पंचायत, नगर परिषद, महानगरपालिका या स्वास्थ्य विभाग के पंजीकरण केंद्र में जन्म दर्ज कराने की अपील की।
पंजीकरण का प्रतिशत बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, आशा स्वयंसेविकाएं और अन्य एजेंसियां नागरिकों में जागरूकता फैला रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इन प्रयासों से समय पर जन्म पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।