

अवैध खनिज परिवहन पर पूरे महाराष्ट्र में एकसमान कार्रवाई के निर्देश।
पहली बार पकड़े जाने पर 30 दिन के लिए परमिट निलंबित।
दूसरी बार अपराध पर 60 दिन का निलंबन।
तीसरी बार परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई।
चौथी बार अपराध दोहराने पर वाहन की सार्वजनिक नीलामी का प्रावधान।
Nashik RTO Action Illegal Mining: अवैध बालू और अन्य गौण खनिजों के उत्खनन एवं परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व विभाग के बाद अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने भी सख्ती बढ़ाई है। राज्य के परिवहन आयुक्त ने पूरे महाराष्ट्र में एकसमान दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अवैध खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ अपराध दोहराने पर कार्रवाई और कड़ी होती जाएगी।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 86 के तहत जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, पहली बार अवैध खनिज परिवहन में पकड़े जाने पर वाहन का परमिट 30 दिनों के लिए निलंबित किया जा सकता है। वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
दूसरी बार इसी अपराध में पकड़े जाने पर परमिट 60 दिनों के लिए निलंबित करने और वाहन जब्त करने का प्रावधान बताया गया है। इसका उद्देश्य बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और चालकों पर अंकुश लगाना है।
तीसरी बार अवैध खनिज परिवहन करते पकड़े जाने पर संबंधित वाहन का परमिट और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ वाहन जब्त करने की प्रक्रिया भी होगी।
चौथी बार अपराध दोहराए जाने पर वाहन को सरकारी कब्जे में लेकर सार्वजनिक नीलामी किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इस तरह लगातार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गंभीरता बढ़ेगी।
अवैध उत्खनन या परिवहन के मामले में संबंधित खनिज के बाजार मूल्य का पांच गुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान भी बताया गया है। कार्रवाई केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगी। अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी और अन्य उपकरणों को भी जब्त किया जा सकेगा।
जब्त वाहनों, मशीनों और उपकरणों को छुड़ाने के लिए संबंधित नियमों के तहत निर्धारित राशि जमा करनी होगी। प्रशासन को उम्मीद है कि सख्त कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।