1,680 Cr की योजना, फिर भी जनता प्यासी! छत्रपति संभाजीनगर में 18 जलकुंभ तैयार, उपयोग में सिर्फ 4; मनपा पर सवाल?

Sambhajinagar Water Project Delay: सातारा-देवलाई और हडको में पानी की समस्या को लेकर नागरिकों का धरना। MIM नेता का आरोप- 50 में 18 जलकुंभ तैयार, लेकिन सिर्फ 4 से जलापूर्ति शुरू हुई।
Water Supply Crisis Satara Devlai
संभाजीनगर में 18 जलकुंभ तैयार,पर पानी नहींसोर्स: सोशल मीडिया
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Water Supply Crisis Satara Devlai: छत्रपति संभाजीनगर में नई जलापूर्ति योजना को लेकर सियासी दावे और जमीनी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। सातारा-देवलाई में नागरिकों ने पानी के लिए धरना दिया। आरोप है कि 18 जलकुंभ तैयार होने के बावजूद केवल चार का इस्तेमाल शुरू हुआ है।

पानी के लिए धरने पर बैठे नागरिक

छत्रपति संभाजीनगर शहर में नई जलापूर्ति योजना का पानी पहुंचने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सातारा-देवलाई और हडको क्षेत्र में पानी की समस्या खत्म नहीं हुई है। यहां नागरिकों को पानी के लिए आंदोलन और धरना देना पड़ रहा है। रविवार को सातारा-देवलाई क्षेत्र के नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर दिनभर धरना दिया।

इसके अगले दिन हडको क्षेत्र के नागरिक भी अपनी शिकायत लेकर मनपा मुख्यालय पहुंचे और करीब दो घंटे तक धरना दिया। समस्या का तत्काल समाधान नहीं होने पर एमआईएम ने नागरिकों को साथ लेकर महापौर समीर राजूरकर से मुलाकात कराई।

50 में 18 जलकुंभ तैयार, सिर्फ 4 चालू होने का दावा

मनपा में विपक्ष के नेता और एमआईएम नेता समीर साजेद बिल्डर ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि नई जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, ठेकेदार जीवीपीआर कंपनी और मनपा के बीच समन्वय की कमी है।

उनके अनुसार, योजना के तहत शहर में 50 जलकुंभ बनाए जाने हैं। इनमें से 18 का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से केवल चार जलकुंभों से जलापूर्ति शुरू हुई है।

सातारा-देवलाई क्षेत्र में तीन जलकुंभ तैयार होने का दावा है, लेकिन उन्हें मुख्य जलवाहिनी से जोड़ने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।

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पाइपलाइन और कनेक्शन भी अधूरे

समीर साजेद के अनुसार, केवल जलकुंभ तैयार होने से नागरिकों तक पानी नहीं पहुंच सकता। इसके लिए मुख्य जलवाहिनी से कनेक्शन, आंतरिक पाइपलाइन और अंतिम छोर तक नल कनेक्शन का काम भी पूरा होना जरूरी है।

उन्होंने दावा किया कि सातारा-देवलाई क्षेत्र में काम की मौजूदा गति को देखते हुए नई जलापूर्ति योजना का पानी पहुंचने में करीब एक साल और लग सकता है। हालांकि यह समय-सीमा उनका दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस कॉपी में उपलब्ध नहीं है।

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प्रशासन और सत्तारूढ़ पक्ष पर सवाल

बिल्डर ने आरोप लगाया कि सातारा-देवलाई के आंदोलन के दौरान प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी या सत्तारूढ़ भाजपा का जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पानी की समस्या को लेकर नागरिकों को महापौर के पास शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से जलकुंभ और अन्य बुनियादी ढांचा तैयार करने के बाद भी यदि पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था पूरी नहीं होती, तो नागरिकों को उसका लाभ नहीं मिल सकता। अब जलापूर्ति व्यवस्था में तेजी लाने और लंबित काम पूरे करने की मांग उठ रही है।

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