

छत्रपति संभाजीनगर मनपा की पाइपलाइन और वाल्व से लाखों लीटर पानी बहने पर नगरसेवकों ने उठाए सवाल।
टीवी सेंटर, जवाहरनगर और सिंधी कॉलोनी में लीकेज की शिकायतें।
नागरिकों पर 5 से 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की नीति पर सवाल।
स्थायी समिति की बैठक में पानी की बर्बादी रोकने की मांग।
नगरसेवकों ने पाइपलाइन और वाल्व की मरम्मत का स्थायी समाधान मांगा।
Sambhajinagar Municipal Corporation Water Leakage Waste : छत्रपति संभाजीनगर में पाइपलाइन और वाल्व से लगातार पानी बहने की घटनाओं पर नगरसेवकों ने मनपा प्रशासन से जवाब मांगा है। स्थायी समिति की बैठक में टीवी सेंटर, जवाहरनगर और सिंधी कॉलोनी में पानी की बर्बादी का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि नागरिकों पर जुर्माना लगाने से पहले मनपा को अपनी व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में पानी की हर बूंद बचाने की अपील करने वाली महानगरपालिका की अपनी व्यवस्था ही पानी की बर्बादी रोकने में सफल नहीं हो पा रही है। नागरिकों के घरों में पानी व्यर्थ बहने पर 5 से 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन मनपा की पाइपलाइन और वाल्व से लाखों लीटर पानी बह जाने पर जिम्मेदारी तय नहीं होने का मुद्दा अब उठने लगा है।
टीवी सेंटर क्षेत्र में हाल ही में हुई पानी की भारी बर्बादी ने इस विरोधाभास को फिर सामने ला दिया है। मंगलवार को स्थायी समिति की बैठक में नगरसेवकों ने प्रशासन से जवाब मांगते हुए कहा कि पानी बचाने की शुरुआत मनपा को अपनी व्यवस्था से करनी चाहिए।
स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े, सुरेंद्र कुलकर्णी और माधुरी अदवंत ने शहर में लगातार हो रही पानी की बर्बादी पर चिंता जताई।
उन्होंने बताया कि टीवी सेंटर के अलावा जवाहरनगर और सिंधी कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पाइपलाइन टूटने और वाल्व से रिसाव की घटनाएं सामने आ रही हैं। शिकायतों के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। इससे एक ओर पेयजल की बर्बादी हो रही है, तो दूसरी ओर नागरिकों को नियमित जलापूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ता है।
नगरसेवकों ने सवाल उठाया कि यदि पाइपलाइन और वाल्व से होने वाली इस बर्बादी को रोका जाए तो बचाए गए पानी से 10 प्रभागों की पेयजल जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने प्रशासन से पूछा कि बार-बार लीकेज होने के बावजूद स्थायी मरम्मत क्यों नहीं की जा रही और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी। बैठक में पानी की बर्बादी रोकने के लिए पाइपलाइन और वाल्व की नियमित जांच तथा शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अब देखना होगा कि नगरसेवकों की आपत्तियों के बाद मनपा प्रशासन लीकेज रोकने और जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।
छत्रपति संभाजीनगर में पानी की बर्बादी पर मनपा से जवाब मांगेंगे नगरसेवक