

जिले में 86,429 MSME से करीब 4,04,838 लोगों को रोजगार मिला है।
ल्यूमैक्स ऑटो के शेयर में पांच वर्षों में लगभग 1471% की वृद्धि दर्ज की गई है।
गरवारे हाईटेक फिल्म्स के शेयर में 710% से अधिक की तेजी आई।
Chhatrapati Sambhajinagar Industrial Growth 32 Listed Companies: ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन के लिए पहचाने जाने वाले छत्रपति संभाजीनगर की पहचान अब देश के औद्योगिक और आर्थिक मानचित्र पर भी तेजी से मजबूत हो रही है। शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित कंपनियों ने उत्पादन के साथ-साथ पूंजी बाजार में भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है।
ऑटोमोबाइल, वाहन कलपुर्जे, औषधि निर्माण, अभियांत्रिकी, इस्पात और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों की 32 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य 10.79 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। इनमें कई कंपनियों के शेयरों ने पिछले पांच वर्षों में दो से लेकर 15 गुना तक की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़े क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता और आर्थिक महत्व को नई पहचान दे रहे हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 32 कंपनियां राष्ट्रीय शेयर बाजार और मुंबई शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें बजाज ऑटो, ल्यूपिन, ग्लेनमार्क फार्मा, वॉकहार्ट, अजंता फार्मा, आईपीसीए लैबोरेटरीज, एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज, वेरॉक इंजीनियरिंग, ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, गरवारे हाईटेक फिल्म्स और एथर एनर्जी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग 10 लाख 79 हजार 368 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि, इन कंपनियों के उत्पादन केंद्र देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में भी हैं। इसलिए उनके पूरे बाजार मूल्य का श्रेय केवल छत्रपति संभाजीनगर को नहीं दिया जा सकता। फिर भी शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी उत्पादन इकाइयों तथा आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान है।
छत्रपति संभाजीनगर की औद्योगिक पहचान बनाने में वाहन उद्योग की बड़ी भूमिका रही है। वालूज औद्योगिक क्षेत्र स्थित बजाज ऑटो का उत्पादन केंद्र इस क्षेत्र की प्रमुख औद्योगिक उपलब्धियों में शामिल है। इसके अलावा एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज, वेरॉक इंजीनियरिंग, बेलराइज इंडस्ट्रीज, धूत ट्रांसमिशन, ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, सीआईई ऑटोमोटिव और एनआरबी बेयरिंग्स जैसी कंपनियां भी वाहन कलपुर्जा उद्योग को मजबूती दे रही हैं।
इन बड़ी कंपनियों के कारण छोटे और मध्यम उद्योगों को भी उत्पादन के अवसर मिले हैं। ढलाई, मशीन निर्माण, प्लास्टिक के पुर्जे, विद्युत उपकरण और वाहन तकनीक से जुड़े अनेक उद्योग इस औद्योगिक व्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
वाहन उद्योग के बाद औषधि निर्माण क्षेत्र शहर की औद्योगिक ताकत का दूसरा बड़ा आधार है। ल्यूपिन, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, आईपीसीए लैबोरेटरीज, अजंता फार्मा, वॉकहार्ट, एफडीसी और ऑर्किड फार्मा जैसी कंपनियों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र को नई पहचान दी है।
चिकलठाणा, वालूज और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में औषधि निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं। इन कंपनियों के उत्पाद देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं। उपलब्ध क्षेत्रवार आकलन के अनुसार, इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य लगभग 2.90 लाख करोड़ रुपये है। अनुसंधान, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक उत्पादन तकनीक और निर्यात क्षमता ने इस उद्योग का महत्व और बढ़ाया है।
अक्टूबर 2021 से अक्टूबर 2026 के बीच उपलब्ध तुलनात्मक आंकड़ों में कई कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दिखाई दी है। ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर में लगभग 1471 प्रतिशत और गरवारे हाईटेक फिल्म्स में 710 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। कई अन्य कंपनियों के शेयर भी दो से चार गुना तक बढ़े हैं।
हालांकि, सभी कंपनियों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के शेयर में 15.8 प्रतिशत, क्रॉम्पटन ग्रीव्स में 58.9 प्रतिशत, कॉस्मो फर्स्ट में 32.4 प्रतिशत और नाथ बायो-जिन्स में 54.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रेमंड लाइफस्टाइल के मामले में कंपनी के विभाजन का प्रभाव भी ध्यान में रखना आवश्यक है। इसलिए केवल शेयर मूल्य में वृद्धि को कंपनी की वास्तविक औद्योगिक प्रगति का पैमाना नहीं माना जा सकता।
पारंपरिक वाहन निर्माण के साथ अब इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग भी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। एथर एनर्जी, एंड्योरेंस, बेलराइज और धूत ट्रांसमिशन जैसी कंपनियों की उपस्थिति से इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति व्यवस्था में क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने की संभावना है। औरंगाबाद औद्योगिक नगर (ऑरिक) तथा बिडकिन क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश से इस बदलाव को और गति मिल सकती है।
शहर की औद्योगिक ताकत केवल शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों तक सीमित नहीं है। जिले में उत्पादन और सेवा क्षेत्रों के लगभग 86,429 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से करीब 4,04,838 लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा बड़ी निजी कंपनियों की उत्पादन इकाइयां भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के वार्षिक उत्पादन का कुल मूल्य एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जाता है।
छत्रपति संभाजीनगर ने उत्पादन और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है। अब आवश्यकता इस सामर्थ्य को अनुसंधान, नई तकनीक, कौशल विकास, स्थानीय उद्यमिता और वैश्विक निर्यात से जोड़ने की है। आने वाले समय में नई कंपनियों के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और बढ़ सकता है।
औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमियों के लिए नए अवसर तैयार करना ही शहर को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।