

छत्रपति संभाजीनगर के जिला सामान्य अस्पताल के खाते से 14,91,272 रुपये ट्रांसफर किए गए।
प्रशासनिक अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और जाली चेक के इस्तेमाल का आरोप।
रकम जालना जिले के जाफराबाद स्थित SBI शाखा में एक व्यक्ति के खाते में पहुंची।
बैंक ने समय रहते राशि फ्रीज की और चेकबुक सीरीज के 100 चेकों के भुगतान पर रोक लगाई।
मामले में अस्पताल के लेखापाल दीपक जाधव, लाभार्थी विजय उजेड़ समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज।
Chhatrapati Sambhajinagar Civil Hospital Cheque Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर के जिला सामान्य अस्पताल के सरकारी बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर और जाली चेक के जरिए 14,91,272 रुपये ट्रांसफर किए जाने का मामला सामने आया है। बैंक अधिकारियों की सतर्कता से राशि फ्रीज कर दी गई। एमआईडीसी सिडको पुलिस ने अस्पताल के लेखापाल दीपक जाधव, लाभार्थी विजय उजेड़ समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
छत्रपति संभाजीनगर, जिला सामान्य अस्पताल के सरकारी बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर और जाली चेक के जरिए 14,91,272 रुपये हड़पने की कोशिश का मामला सामने आया है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक के माध्यम से रकम दूसरे व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। हालांकि, बैंक अधिकारियों की तत्परता से राशि को समय रहते फ्रीज कर दिया गया और संभावित नुकसान टल गया।
इस मामले में एमआईडीसी सिडको पुलिस थाने में अस्पताल के सहायक अधीक्षक एवं लेखापाल दीपक जाधव, लाभार्थी विजय उजेड़ समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी गुरुराज जोशी (46), निवासी 12वीं योजना, गारखेड़ा, के अनुसार अस्पताल के वित्तीय लेन-देन का मुख्य खाता शाहगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में है।
19 अक्टूबर की दोपहर उनके पंजीकृत मोबाइल पर खाते से 14,91,272 रुपये कटने का संदेश आया। जोशी ने तत्काल लेखापाल दीपक जाधव से पूछताछ की। जाधव ने कार्यालय की ओर से ऐसा कोई चेक जारी किए जाने से इनकार किया।
इसके बाद चेकबुक और वित्तीय रजिस्टर का मिलान किया गया। जांच में पता चला कि जिस नंबर का चेक भुनाया गया था, वह चेकबुक अस्पताल के कार्यालय को कभी प्राप्त ही नहीं हुई थी।
प्राथमिक जांच में चेक पर प्रशासनिक अधिकारी गुरुराज जोशी के हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने की बात सामने आई। चेक की पुष्टि के लिए दर्ज मोबाइल नंबर भी जोशी का नहीं था। कार्यालय के रिकॉर्ड की शुरुआती पड़ताल में यह नंबर कथित तौर पर लेखापाल दीपक जाधव का बताया गया है। पुलिस इन तथ्यों की जांच कर रही है।
शाहगंज SBI शाखा के प्रबंधक ने मामले की जानकारी मिलते ही जालना जिले की जाफराबाद शाखा से संपर्क किया। चेक की प्रति और जमा पर्ची की जांच से पता चला कि चेक विजय उजेड़ नामक व्यक्ति के खाते में जमा किया गया था।
राशि खाते में ट्रांसफर हो चुकी थी, लेकिन उसे निकाले जाने से पहले ही बैंक प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए रकम फ्रीज कर दी। इसके अलावा, संबंधित चेकबुक सीरीज के सभी 100 चेकों के भुगतान पर रोक लगा दी गई, ताकि आगे किसी संभावित धोखाधड़ी को रोका जा सके।
मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब चेक जारी होने, हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर के इस्तेमाल सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगी।