छत्रपति संभाजीनगर में सड़क चौड़ाई घटाने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जनहित याचिका दाखिल करने के निर्देश

High Court PIL On Road Width: छत्रपति संभाजीनगर में भूसंपादन के बावजूद प्रमुख सड़कों की चौड़ाई घटाने पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। पीठ ने जनहित याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए।
Sambhajinagar High Court PIL On Road Width
छत्रपति संभाजीनगर में सड़क चौड़ाई घटाने का मामला(सोर्स: AI)
Updated on

Sambhajinagar High Court PIL On Road Width: छत्रपति संभाजीनगर शहर की अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए विकास आराखड़े में प्रमुख सड़कों की चौड़ाई कम किए जाने के मामले ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

शहर के प्रमुख मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई घटाने संबंधी समाचारों का मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति एन. बी. सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति आबासाहेब शिंदे की पीठ ने इस मामले में जनहित याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता मुकुल कुलकर्णी को न्यायालय का मित्र नियुक्त किया गया है।

16 सड़कों के लिए हो चुका है भूसंपादन

राज्य सरकार की ओर से हाल ही में जारी किए गए अंतिम ईपी यानी बाहर रखे गए हिस्से के मानचित्र में शहर की कई प्रमुख सड़कों की प्रस्तावित चौड़ाई घटाए जाने की बात सामने आई है।

खास बात यह है कि महानगरपालिका ने 42 प्रमुख सड़कों की चौड़ाई कम नहीं करने का प्रस्ताव पारित कर शासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। इनमें से 16 सड़कों के लिए महानगरपालिका भूसंपादन भी कर चुकी है। इसके बावजूद अंतिम मानचित्र में इन सड़कों को कम चौड़ाई का रखा गया है।

36 मीटर की सड़क 18 मीटर

अंतिम मानचित्र में कई सड़कों की चौड़ाई विकास आराखड़े की तुलना में आधी कर दी गई है। 36 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़क को 18 मीटर, 30 मीटर की सड़क को 15 मीटर और 24 मीटर की सड़क को 12 मीटर कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर मौजूदा मकानों को बचाने के लिए सड़क की दिशा में भी बदलाव किया गया है।

भविष्य में फिर करना पड़ सकता है भूसंपादन

शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने की स्थिति में संकरी सड़कें भविष्य में अपर्याप्त साबित हो सकती हैं। यातायात दबाव बढ़ने पर इन्हीं सड़कों को दोबारा चौड़ा करने की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसे में फिर से भूसंपादन करना पड़ा तो सरकार और महानगरपालिका पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है। पहले ही भूसंपादन हो चुके मार्गों की चौड़ाई घटाने के फैसले पर इसी कारण सवाल उठ रहे हैं।

Sambhajinagar High Court PIL On Road Width
चंद्रपुर के उद्योगों को गड़चिरोली की तर्ज पर मिलेगा 100% इंसेंटिव, उद्योग मंत्री उदय सामंत का ऐलान

अब न्यायालय में होगा परीक्षण

विकास आराखड़ा शहर की अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। ऐसे में प्रमुख सड़कों की चौड़ाई घटाने का फैसला भविष्य की यातायात व्यवस्था और शहर के नियोजन पर सीधा असर डाल सकता है।

विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद पीठ ने जनहित याचिका दायर करने के निर्देश दिए हैं। अब सड़क चौड़ाई में बदलाव, छत्रपति संभाजीनगर मनपा की आपत्तियां, भूसंपादन और बदली गई सड़क दिशा का न्यायालयीन परीक्षण होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com