

एफडीए की टीम ने छत्रपति संभाजीनगर में बड़ी कार्रवाई की है।
गंदगी और कीटों के प्रकोप से आठ लाइसेंस निलंबित हुए हैं।
जांच में गंभीर कमियां मिलने पर सख्त कदम उठाए गए हैं।
Chhatrapati Sambhajinagar FDA Raid: छत्रपति संभाजीनगर में नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। ‘सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान के तहत शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में आठ प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
एफडीए के सहायक आयुक्त श्रीकांत करकले ने यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्रपति संभाजीनगर में हुई इस जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंदगी, कीटों और चूहों का प्रकोप, खाद्य पदार्थों के भंडारण में लापरवाही, उपकरणों पर जंग तथा कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच में गंभीर कमियां सामने आईं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के तहत सक्षम प्राधिकारी तथा सहायक आयुक्त (खाद्य) द। वि। पाटील के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
होटल कार्निवल बार एंड रेस्टोरेंट, बीड बाईपास रोड: खाद्य सुरक्षा अधिकारी पी। पी। सुरसे की जांच में परिसर और उपकरणों की खराब स्थिति, कच्चे तथा तैयार भोजन को एक साथ रखने और कीटों के प्रकोप जैसी कमियां मिलीं।
होटल निशांत पार्क रेस्टोरेंट, बीड बाईपास, मुस्तफाबाद: जांच में कीट और चूहे पाए गए। उपकरणों पर जंग लगी थी तथा पहले दिए गए सुधार संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।
मिताली राजयोग, एमआईडीसी वालूज, गंगापुर: खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा प्रमोद सुरसे की जांच में उपकरणों के उचित विसंक्रमण का अभाव मिला। कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई थी। एप्रन और दस्ताने जैसी आवश्यक सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध नहीं थी।
एफएस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, एंड्योरेंस टेक्नोलॉजी भोजनालय, वालूज: रसोई में भीड़भाड़ और गंदगी थी। दीवारों का पलस्तर उखड़ा हुआ था और मकड़ी के जाले लगे थे। भोजन के तापमान पर नियंत्रण की व्यवस्था भी अपर्याप्त मिली।
राधाकृष्ण गृह उद्योग, शेंद्रा एमआईडीसी: खाद्य सुरक्षा अधिकारी पी. एस. कुचेकर की जांच में उत्पादन के दौरान समय और तापमान का उचित नियंत्रण नहीं मिला। कीटों से बचाव तथा बीमार कर्मचारियों को भोजन तैयार करने से रोकने की व्यवस्था में भी कमियां सामने आईं।
टेबल 9 गार्डन रेस्टोरेंट, बालापुर: खाद्य पदार्थ सीधे जमीन पर रखे मिले। कच्चे और पके हुए भोजन के साथ गैर-खाद्य वस्तुओं का भी एक ही स्थान पर भंडारण किया जा रहा था।
विद्या एंटरप्राइजेज, एफडीसी कंपनी भोजनालय, वालूज: खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले उपकरणों पर जंग लगी थी। पानी और तेल की जांच नहीं कराई गई थी तथा कच्चे माल की स्वच्छता भी संतोषजनक नहीं मिली।
ग्रीन प्योर वेज, वालूज: जांच में कीट नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था नहीं मिली। दरवाजों और खिड़कियों पर जालियां नहीं थीं। भोजन को निर्धारित तापमान पर रखने की व्यवस्था का अभाव था। कच्चे और पके हुए तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। वैध लाइसेंस भी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं था। कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सकीय जांच, प्रयोगशाला रिपोर्ट और सुरक्षित खाद्य संचालन संबंधी अनिवार्य प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे।
FDA प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री और वितरण तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। केवल कमियां दूर करने का पत्र सौंप देने से लाइसेंस बहाल नहीं होंगे। संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिष्ठानों की निगरानी करेंगे। मौके पर दोबारा जांच के दौरान सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही निलंबन हटाने का अलग आदेश जारी किया जाएगा।
सहायक आयुक्त श्रीकांत करकले ने चेतावनी दी कि नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा।