Chhatrapati Sambhajinagar: छह लाख से ज्यादा यात्री, 1,362 टन माल... फिर भी उड़ानों का टोटा

Chhatrapati Sambhajinagar Airport: छत्रपति संभाजीनगर एयरपोर्ट से 2025-26 में 6.28 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया और 1,362 टन माल का परिवहन हुआ।
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छत्रपति संभाजीनगर एयरपोर्ट(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Flight: हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ी, शहर की जरूरत भी बढ़ी, लेकिन प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क अब भी सीमित; उद्योग, निवेश और पर्यटन की रफ्तार के लिए हवाई संपर्क का विस्तार जरूरी छत्रपति संभाजीनगर। शहर का चिकलथाना हवाई अड्डा यात्रियों और माल परिवहन के मामले में लगातार अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है, लेकिन हवाई संपर्क के मामले में शहर अब भी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाया है। आर्थिक वर्ष 2025-26 में 6 लाख 28 हजार 152 यात्रियों ने यहां से हवाई सफर किया, जबकि 1,362 टन माल का परिवहन हुआ।

महाराष्ट्र में यात्री परिवहन के मामले में चौथा स्थान हासिल करने के बावजूद प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों के लिए सीधी उड़ानों की कमी शहर के विकास के रास्ते में बड़ी बाधा बन रही है। छत्रपति संभाजीनगर अब केवल मराठवाड़ा का प्रमुख शहर नहीं रहा। ऑरिक, शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र, वाहन एवं विद्युत वाहन उद्योग, निर्यात आधारित इकाइयों और पर्यटन के कारण शहर का आर्थिक दायरा लगातार बढ़ रहा है। देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों, तकनीकी विशेषज्ञों और कारोबारियों की आवाजाही बढ़ने के साथ तेज और सीधा हवाई संपर्क अब शहर की मूलभूत जरूरत बन चुका है। दूसरे शहरों के रास्ते विमान यात्रा करने की मजबूरी से समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं, जिसका सीधा असर कारोबारी गतिविधियों पर पड़ता है।

चार साल में बढ़ी हवाई यात्रा की मांग

हवाई अड्डे के आंकड़े भी शहर की बढ़ती हवाई जरूरत की तस्वीर साफ करते हैं। वर्ष 2022-23 में 4 लाख 68 हजार 486 यात्रियों ने हवाई सफर किया था। वर्ष 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 6 लाख 23 हजार 915 हो गई। वर्ष 2024-25 में 7 लाख 402 यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ लिया। वर्ष 2025-26 में यात्रियों की संख्या घटकर 6 लाख 28 हजार 152 रही, लेकिन चार साल पहले की तुलना में यह आंकड़ा अब भी काफी अधिक है।यानी यात्री संख्या में साल-दर-साल कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद शहर में हवाई यात्रा की स्थायी मांग बनी हुई है। ऐसे में उड़ानों की संख्या और गंतव्यों का विस्तार किए बिना इस मांग का पूरा लाभ शहर को नहीं मिल सकता।

सीधी उड़ानों से जुड़ेगा उद्योग और निवेश

छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ सीधी विमान सेवाओं की जरूरत और बढ़ेगी। ऑरिक तथा शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों के अधिकारियों और विशेषज्ञों के लिए मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई और अन्य औद्योगिक केंद्रों तक आसान पहुंच जरूरी है।

सीधी उड़ान उपलब्ध होने से एक ही दिन में कारोबारी बैठकें संभव हो सकती हैं। इससे उद्योगों की परिचालन लागत घटेगी और निवेशकों के लिए शहर अधिक सुविधाजनक बनेगा। नए निवेश के साथ रोजगार और सहायक व्यवसायों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

‘सीएसएन फर्स्ट’ ने उठाया मुद्दा

शहर की इस बढ़ती जरूरत को देखते हुए ‘सीएसएन फर्स्ट’ के अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने केंद्र सरकार और विमानन कंपनियों से प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि छह लाख से अधिक यात्रियों का सालाना हवाई सफर और 1,362 टन माल परिवहन यह साबित करता है कि शहर में हवाई सेवाओं की वास्तविक मांग मौजूद है। अब शहर की आर्थिक क्षमता के अनुरूप हवाई संपर्क बढ़ाना जरूरी है।

‘सीएसएन फर्स्ट’ की ओर से पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, जयपुर और गोवा जैसे प्रमुख औद्योगिक, कारोबारी और पर्यटन केंद्रों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की जरूरत बताई गई है। संगठन का कहना है कि इन शहरों से सीधा जुड़ाव मिलने पर व्यापार, उद्योग और पर्यटन को व्यापक लाभ मिलेगा।

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1,362 टन माल परिवहन भी बड़ा संकेत

हवाई अड्डे से वर्ष 2025-26 में 1,362 टन माल का परिवहन हुआ। औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में वृद्धि के साथ हवाई माल परिवहन की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है। उच्च मूल्य वाले औद्योगिक सामान, नमूने, जरूरी उपकरण और निर्यात सामग्री को कम समय में बाजार तक पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग महत्वपूर्ण है। यदि यात्री सेवाओं के साथ माल परिवहन की सुविधाओं का भी विस्तार किया जाता है तो छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी।

बंद उड़ानों से विकल्प हुए सीमित

वर्तमान में शहर से मुंबई, नवी मुंबई, नई दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है। हालांकि गोवा और अहमदाबाद सहित कुछ महत्वपूर्ण मार्गों की उड़ानें बंद होने से यात्रियों के विकल्प कम हुए हैं। शहर की बढ़ती औद्योगिक और पर्यटन क्षमता को देखते हुए कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित हवाई संपर्क पर्याप्त नहीं है। प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ाव मिलने पर यात्रियों को दूसरे हवाई अड्डों पर निर्भरता से राहत मिलेगी।

हवाई संपर्क सिर्फ सुविधा नहीं, विकास की जरूरत

बेहतर हवाई संपर्क का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहता। यह निवेश, उद्योग, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को गति देने वाला आधार बन सकता है। छत्रपति संभाजीनगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह जरूरी और महत्वपूर्ण है।

शहर के पास उद्योग भी हैं, पर्यटन की संभावनाएं भी हैं और हवाई यात्रा करने वालों की पर्याप्त संख्या भी। अब जरूरत इस क्षमता को व्यापक हवाई संपर्क में बदलने की है। छह लाख से अधिक यात्रियों और 1,362 टन माल परिवहन का आंकड़ा यही संकेत दे रहा है कि शहर को उड़ानों की कमी नहीं, बल्कि उड़ानों के विस्तार की जरूरत है।

आंकड़े जो खोल रहे हवाई विकास की तस्वीर

  • 4,68,486 - वर्ष 2022-23 में यात्री

  • 6,23,915 - वर्ष 2023-24 में यात्री

  • 7,00,402 - वर्ष 2024-25 में यात्री

  • 6,28,152 - वर्ष 2025-26 में यात्री

  • 1,362 टन - वर्ष 2025-26 में माल परिवहन

क्यों जरूरी है सीधी उड़ान?

  • समय की बचत: दूसरे शहरों के रास्ते यात्रा करने की जरूरत घटेगी।

  • उद्योग को गति: ऑरिक और शेंद्रा-बिडकीन में निवेश करने वाली कंपनियों के अधिकारियों की आवाजाही आसान होगी।

  • निवेश आकर्षित होगा: बेहतर हवाई संपर्क निवेशकों के लिए शहर को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

  • पर्यटन बढ़ेगा: अजंता-वेरुल सहित क्षेत्र के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

  • निर्यात को फायदा: हवाई माल परिवहन से उच्च मूल्य की वस्तुओं को तेजी से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा।

  • रोजगार के अवसर: उद्योग, पर्यटन, विमानन और संबंधित सेवाओं में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

  • मराठवाड़ा को लाभ: छत्रपति संभाजीनगर का बेहतर हवाई संपर्क पूरे क्षेत्र के व्यापार और उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    (नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट)

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