10 मिनट में छात्र लॉग आउट, फिर कर दिया फेल! बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा मामले में भड़के अभिजीत दीपके

Abhijeet Dipke Re-Exam Demand: बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती टाइपिंग परीक्षा में तकनीकी खामियों के चलते छात्र लॉग आउट हो गए और उन्हें फेल कर दिया गया। इस पर अभिजीत दीपके ने रीएग्जाम की मांग की।
Bombay High Court recruitment exam Abhijeet Dipke re-exam demand
अभिजीत दीपके(सोर्स: एआई फोटो)
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Bombay High Court Clerk Exam Controversy: बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग परीक्षा विवादों के भंवर में फंस गई है। रविवार, 16 अगस्त 2026 को आयोजित इस परीक्षा के दौरान तकनीकी खामियों और कुप्रबंधन को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया।

इस मामले में अब कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी कूद पड़े हैं। उन्होंने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

10 मिनट में छात्र लॉग आउट, फिर कर दिया फेल

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जैसे ही छात्र परीक्षा देने बैठे, उन्हें पता चला कि सेंटर पर बुनियादी सुविधाएं ही ठीक नहीं हैं। कई अभ्यर्थियों के माउस काम नहीं कर रहे थे, तो कई के कीबोर्ड खराब थे। दीपके के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर ही अधिकतर छात्र सिस्टम से अपने आप लॉग आउट हो गए।

हद तो तब हो गई जब इन तकनीकी खामियों के बावजूद छात्रों को फेल घोषित कर दिया गया। दीपके ने इसे छात्रों की नहीं, बल्कि सिस्टम और सरकार की विफलता बताया है जो ऑनलाइन परीक्षाएं ठीक से आयोजित करने में अक्षम साबित हो रही हैं।

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अधिकारियों ने छात्रों की अक्ल पर उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि जब पीड़ित छात्रों ने अंदर मौजूद अधिकारियों से शिकायत की, तो उन्हें मदद मिलने के बजाय अपमानित किया गया। अधिकारियों ने कथित तौर पर छात्रों से कहा कि उनमें एग्जाम देने की अक्ल नहीं है।

इस पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा कि अगर अधिकारियों में इतनी ही अक्ल थी, तो उन्हें परीक्षा से पहले अच्छे कंप्यूटर, फंक्शनिंग कीबोर्ड और बेहतर सर्वर सुनिश्चित करने चाहिए थे।

दूर-दराज से आए छात्रों का भविष्य दांव पर

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र पूरे महाराष्ट्र से आए थे। कोई अमरावती से पहुंचा था, तो कोई बीड़, लातूर और अंबेजोगाई जैसे इलाकों से। ये छात्र पिछले 6-7 महीनों से इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे।

दीपके ने भावुक होते हुए पूछा कि ये बच्चे अब घर जाकर अपने माता-पिता को क्या मुंह दिखाएंगे? क्या वे कहेंगे कि वे इसलिए फेल हो गए क्योंकि सरकार का सर्वर और कीबोर्ड काम नहीं कर रहा था?

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जिला जज से लिखित आश्वासन की मांग

अभिजीत दीपके ने जानकारी दी कि परीक्षा केंद्र के भीतर एक जिला न्यायालय के जज मौजूद थे। उन्होंने मांग की है कि जज खुद बाहर आएं और छात्रों को लिखित में आश्वासन दें कि यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दोबारा होने वाली परीक्षा उन पुराने और खराब कंप्यूटरों पर नहीं होनी चाहिए जिनका इस्तेमाल आज किया गया था।

ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर तीखा हमला

सिस्टम पर तंज कसते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि जब प्रशासन के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, तो वे ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित ही क्यों करते हैं? उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब देश या महाराष्ट्र में सर्वर डाउन होने या हार्डवेयर फेल होने की घटना हुई है; यह लगभग हर ऑनलाइन परीक्षा की कहानी बन चुकी है।

उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे एक भी ऐसी ऑनलाइन परीक्षा का नाम बताएं जो बिना किसी तकनीकी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हुई हो। फिलहाल, इस घटना के बाद हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और वे न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

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