अब पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर, दिपके की केंद्र सरकार को चेतावनी-तानाशाही खत्म होने तक जारी रहेगा आंदोलन

Sambhajinagar Dipke Warns Central Govt: जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार की आलोचना की। हिरासत को लेकर आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने अलग पक्ष रखा।
Sambhajinagar Dipke Warns Central Govt
अभिजीत दीपकेसोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर अभिजीत दिपके ने जताई नाराजगी।

  • दिल्ली पुलिस के आदेश में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शन स्थलों के रूप में शामिल किए जाने का दावा।

  • दिपके ने कहा- कथित तानाशाही खत्म होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

  • हिरासत के दौरान परिवार और वकील को जानकारी नहीं देने का लगाया आरोप।

  • दिल्ली पुलिस का दावा- दादी के निधन की सूचना संवेदनशीलता से दी और अंतिम संस्कार के लिए घर जाने का विकल्प दिया गया था।

Chatrapati Sambhajinagar Abhijit Dipke Jantar Mantar Protest Freedom of Protest: छत्रपति संभाजीनगर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। दिल्ली पुलिस ने उनके आरोपों पर अलग पक्ष रखा है।

जंतर-मंतर हटाने के फैसले पर सवाल

छत्रपति संभाजीनगर, दिल्ली में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस फैसले की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा।

दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार को प्रदर्शन स्थल से नहीं, बल्कि लोगों के विरोध करने से परेशानी है। उन्होंने जंतर-मंतर को सूची से हटाने के फैसले को विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।

Sambhajinagar Dipke Warns Central Govt
भंडारा में 1.09 लाख परिवारों को मिला पक्का घर, 43 हजार मकानों का निर्माण अब भी जारी

तीन नए प्रदर्शन स्थलों का उल्लेख

खबर के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से 11 अक्टूबर को जारी स्थायी आदेश में विरोध प्रदर्शन और धरने के लिए तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं।

जंतर-मंतर को सूची से हटाने के फैसले पर दिपके ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, आदेश का पूरा पाठ और प्रदर्शन स्थलों में बदलाव के आधिकारिक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

लोकतंत्र खत्म होने की आशंका जताई

अभिजीत दिपके ने एक अन्य पोस्ट में आशंका जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अगला कदम लोकतंत्र को खत्म करना हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया जा सकता है, तो आगे लोकतांत्रिक विरोध के दूसरे रास्तों पर भी असर पड़ सकता है। ये दिपके के राजनीतिक आरोप और आशंकाएं हैं।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए केंद्र सरकार पर नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया। दिपके ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार सरकार के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उनके समर्थन में युवाओं, पत्रकारों और विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

Sambhajinagar Dipke Warns Central Govt
छत्रपति संभाजीनगर के कर्णपुरा मेले में वर्दी का रौब, छावनी पुलिस के हत्थे चढ़ी फर्जी महिला पुलिसकर्मी

हिरासत और दादी के निधन को लेकर आरोप

दिपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के दौरान उनके परिजनों और वकील को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि दादी के निधन के बाद पुलिस ने उन्हें उस रिश्तेदार से फोन पर बात करने की अनुमति नहीं दी, जो उनके साथ था। उन्होंने पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना देने और संपादित वीडियो जारी करने का आरोप लगाते हुए पूरे घटनाक्रम का वीडियो सार्वजनिक करने की मांग की।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिपके को उनकी दादी के निधन की सूचना संवेदनशीलता से दी गई थी और अंतिम संस्कार के लिए घर जाने की पेशकश भी की गई थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

दिपके ने कहा कि उनकी लड़ाई कथित तानाशाही खत्म होने तक जारी रहेगी। उन्होंने जंतर-मंतर को सूची से हटाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। हिरासत से जुड़े आरोपों और पुलिस के जवाब पर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com