भंडारा में 1.09 लाख परिवारों को मिला पक्का घर, 43 हजार मकानों का निर्माण अब भी जारी

Bhandara Rural Housing Scheme Success: भंडारा जिले में विभिन्न सरकारी आवास योजनाओं के तहत 1.52 लाख मकान मंजूर हुए। 1.09 लाख घर पूरे, जबकि 43,159 मकानों का निर्माण जारी है।
Bhandara Rural Housing Scheme Success
भंडारा ग्रामीण आवास योजना सफलसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • भंडारा जिले में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 1,52,967 मकान मंजूर।

  • अब तक 1,09,808 मकानों का निर्माण पूरा, 43,159 मकान निर्माणाधीन।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 80,200 मकान पूरे होने का दावा।

  • रमाई, शबरी, मोदी आवास सहित अन्य योजनाओं से पात्र परिवारों को लाभ।

  • 2024-25 में स्वीकृत पात्र लाभार्थियों के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता; 5 हजार लाभार्थियों को निधि मिलने की जानकारी।

Bhandara Housing Scheme PMAY-Gramin: भंडारा जिले में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 1,52,967 मकान मंजूर किए गए हैं। इनमें से 1,09,808 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 43,159 मकानों का काम जारी है। पात्र लाभार्थियों को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता का वितरण भी शुरू हुआ है।

1.52 लाख मकान मंजूर, 1.09 लाख पूरे

भंडारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं को भंडारा जिले में गति मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, रमाई, शबरी, यशवंतराव चव्हाण मुक्त वसाहत, मोदी आवास और पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर आवास योजना के तहत जिले में कुल 1,35,482 मकानों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 1,52,967 मकानों को मंजूरी दी गई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 1,09,808 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 43,159 मकानों का काम विभिन्न चरणों में जारी है। यानी बड़ी संख्या में परिवारों को पक्के घर का लाभ मिला है, लेकिन सभी स्वीकृत मकानों को पूरा करने की चुनौती अभी बनी हुई है।

Bhandara Housing Scheme PMAY-Gramin
आवास योजनासोर्स: सोशल मीडिया
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50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता

ग्रामीण आवास योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सामान्य तौर पर 1.20 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। बढ़ती निर्माण लागत को देखते हुए राज्य सरकार ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की सहायता मंजूर की है। इसमें 35 हजार रुपये मकान निर्माण के लिए और 15 हजार रुपये सौर ऊर्जा प्रणाली के लिए निर्धारित हैं।

यह अतिरिक्त सहायता वर्ष 2024-25 में स्वीकृत पात्र लाभार्थियों के लिए लागू बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 5 हजार लाभार्थियों को यह निधि मिल चुकी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में सबसे अधिक मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2016-17 से 2025-26 के दौरान जिले में 99,561 मकानों का लक्ष्य तय किया गया था। इसके मुकाबले 1,17,920 मकानों को मंजूरी दी गई। इनमें से 80,200 मकानों का निर्माण पूरा होने और 37,720 मकानों का काम जारी रहने की जानकारी दी गई है।

तहसीलवार उपलब्ध आंकड़ों में तुमसर में 18,745, साकोली में 12,554, मोहाड़ी में 11,234 और लाखनी में 9,909 मकानों का निर्माण पूरा होने का उल्लेख है।

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रमाई और शबरी आवास योजना से भी लाभ

अनुसूचित जाति और नवबौद्ध वर्ग के पात्र परिवारों के लिए रमाई आवास योजना के तहत 15,246 मकानों के लक्ष्य के मुकाबले 14,551 मकान मंजूर हुए। इनमें से 11,944 मकान पूरे हो चुके हैं और 2,607 का काम जारी है।

अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए शबरी आवास योजना में 6,336 मकानों के लक्ष्य के मुकाबले 6,302 मकान स्वीकृत हुए। इनमें 5,482 मकान पूरे हो चुके हैं और 820 का निर्माण जारी है।

अन्य वर्गों के लिए भी आवास योजनाएं

विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के लिए यशवंतराव चव्हाण मुक्त बस्ती योजना के तहत 3,140 मकान मंजूर हुए, जिनमें 2,603 पूरे हो चुके हैं। ओबीसी परिवारों के लिए मोदी आवास योजना में 11,033 मकान स्वीकृत हुए, जिनमें 9,559 का निर्माण पूरा हो चुका है। धनगर समाज के लिए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकरआवास योजना में 22 मकानों के लक्ष्य के मुकाबले 21 मकान मंजूर हुए और 20 पूरे हो चुके हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से जिले में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। अब लंबित मकानों का निर्माण समय पर पूरा कराना और पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा।

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