चंद्रपुर में दो बड़ी घटनाएं: चिमूर में बाघ के हमले में चरवाहे की मौत, सिंदेवाही में कुएं में डूबा बाघ
Chandrapur Wldlife News: चंद्रपुर के चिमूर में बाघ के हमले में चरवाहे दिलीप ननावरे की मौत हो गई, जबकि सिंदेवाही में एक कुएं में डूबने से 1-4 वर्ष के नर बाघ का शव बरामद हुआ। वन विभाग जांच में जुटा है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर बाघ (सोर्स- नवभारत)
Chandrapur Tiger Attack News: नेरी के पास और तलोधी जंगल इलाके में आने वाले मोटेगांव में बकरियां चराने गए एक चरवाहे पर एक बड़े धारीदार बाघ ने हमला कर दिया। इस हमले में चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गयी। यह घटना 31 मई को सुबह करीब 10 बजे हुई। मोटेगांव का एक चरवाहा, दिलीप जानबा ननावरे (45) बीट नंबर-1 में बकरियां चराने गया था। सुबह जब वह हमेशा की तरह मोटेगांव-पेंढरी रोड पर बद्री पहाड़ी के नीचे थे, तो जंगल में छिपे एक बड़े धारीदार वाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ ने हमला करके नन्नावरे को वहीं मार डाला और उसे 500 मीटर दूर एक जगह घसीटते ले गया और जंगल में खींची गई एक लाइन पर रख दिया।
घटना सुबह करीब 10 बजे हुई। घटना में, जब बाघ ने हमला किया, तो 15 से 20 बकरियां इस झुंड के पीछे-पीछे घर लौट आई। बकरियां तो घर लौट गई, लेकिन पिता घर नहीं आए, तो बेटे ने अपने पिता को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
छोटे बच्चों ने जंगल में ढूंढा शव
फिर बेटा कुछ छोटे बच्चों को लेकर चरवाहे पिता को ढूंढने के लिए जंगल वाले इलाके में गया। घटना की जगह पर उन्हें अपने पिता के फटे कपड़े और एक कुल्हाड़ी मिली। सभी बच्चे दौड़कर गांव गए और लोगों को घटना के बारे में विस्तार से बताया। जब गांव के छोटे बच्चे और लोग मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में तलाशी ली, तो घटनास्थल से 500 मीटर दूर उस चरवाहे की लाश मिली। इस घटना का पता चलते ही हड़कंप मच गया।
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कई लोगों ने देखा बाघ
इसी इलाके में नर्सरी में पानी दे रही महिला मजदूरों ने बाघ को सड़क पार करते देखा। वहां से गुजर रहे नागरिकों ने भी उसे जंगल में जाते देखा। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के सहायक वनसंरक्षक महेश गायकवाड़, आरएफओ अनूप कन्नमवार, वनरक्षक केशव पाटिल, वनरक्षक संभाजी वडजे, बालकृष्ण नागरे और विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, साथ ही चिमूर पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर पहुंची। पंचनामा कर आगे की जांच की जा रही है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए उपजिला अस्पताल भेज दिया गया है। 50 हजार रुपये की तत्काल मदद घटना के बाद वन विभाग ने मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये की तुरंत आर्थिक मदद दी है। मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये और बाकी अनुदान राशि जल्द ही नियमानुसार दी जाएगी। वन विभाग ने बताया कि यह वन विभाग द्वारा दी जाएगी।
कुएं में डूबने से बाघ की मौत
ब्रह्मपुरी वन प्रभाग अंतर्गत सिंदेवाही उपक्षेत्र के डोंगरगांव (हजारीपोह) इलाके में एक कुएं में गिरने से बाघ की मौत होने का मामला 31 मई की सुबह सामने आया है। वन विभाग के अनुसार, मृत बाघ नर प्रजाति का है और उसकी उम्र लगभग 1 से 4 वर्ष के – बीच आंकी गई है। इस मामले की आगे की जांच उप वन संरक्षक डॉ. कुमारस्वामी, एस. आर. और सहायक वन संरक्षक अरविंद जे। के मार्गदर्शन में सिंदेवाही की वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि सांयकार बोरावार द्वारा की जा रही है।
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कुएं के पानी में तैरता मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सुबह – करीब 9:00 बजे सूचना मिली कि डोंगरगांव (हजारीपोह) के किसान पांडुरंग गोविदा गजभिये और मिलिंद धनराज गजभिये के साझे खेत में स्थित एक कुएं में बाघ गिर गया है। यह कुआं सीमेंट की रिंग वाला है, जो लगभग 25 से 30 फीट गहरा है। सूचना मिलते ही सिंदेवाही की वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि सायंकार (बोरावार), क्षेत्र सहायक नितिन गडपायले और अन्य वन कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
.वहां कुएं के पानी में बाघ का शव तैरता हुआ मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए ब्रह्मपुरी वन प्रभाग के उप वन संरक्षक डॉ. कुमारस्वामी एस. आर. उपवनसंरक्षक अरविंद जे.सहाय्यक वनरक्षक, एनटीसीए के प्रतिनिधि बंडू धोत्रे और स्वाब नेचर केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष यश कायरकर ने घटनास्थल का दौरा किया ग्रामीणों ने वनविभाग के साथ मिल कर रस्सियों की मदद से मृत बाघ को कुएं से बाहर निकाला, एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार पशु चिकित्सा अधिकारी, ताडोबा डॉ. रविकांत खोब्रागड़े, डॉ. विनोद बालाजी सुरपाम और डॉ. बजरंग सावरे की टीम ने बाघ का शवविच्छेदन किया।
