Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Chandrapur News: ऐतिहासिक महाकाली यात्रा का हुआ समापन, मराठवाड़ा व आंध्रप्रदेश से आए श्रद्धालु, झरपट नदी में लगाई डूबकी

चंद्रपुर में महाकाली यात्रा का समापन शनिवार को हुआ। चैत्र पूर्णिमा यह यात्रा का मुख्य दिन होने से चंद्रपुर में देवी के दर्शन के लिए बडी संख्या में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी।

  • By आकाश मसने
Updated On: Apr 13, 2025 | 08:04 AM

चंद्रपुर में महाकाली यात्रा के अंतिम दिन माता के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे (फोटो नवभारत)

Follow Us
Close
Follow Us:

चंद्रपुर: पूरे विदर्भ में आदिशक्ति के रूप में प्रसिद्ध देवी महाकाली की ऐतिहासिक यात्रा शनिवार यानी 12 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा की मुख्य पूजा से संपन्न हुई। चैत्र पूर्णिमा यह यात्रा का मुख्य दिन होने से चंद्रपुर में देवी के दर्शन के लिए बडी संख्या में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। पैर रखने तक की जगह नहीं थी। उमस भरी गरमी में भी लोगों की अटूट आस्था का नजारा देखते ही बन पा रहा था।

तडके मंदिर के मुख्य पुरोहित द्वारा मुख्य पूजा व महाप्रसाद का भोग लगाया गया। इसके पश्चात सभी दर्शनार्थियों द्वारा पूजा विधि का सिलसिला चलता रहा। दोपहर 1 बजे मुख्य आरती कर घट को विसर्जित किया गया। इसके साथ ही देवी की यात्रा समाप्त हो गयी। वैसे देर शाम तक भाविकों का देवी महाकाली के दर्शन व पूजा का दौर चलता रहा। कतार में लगे श्रद्धालुओं ने मंदिर में देवी की प्रतिमा के दर्शन लिए और पूजा की।

हर वर्ष की तरह आज चैत्र पूर्णिमा को पूजा सामग्री लिए श्रद्धालुओं कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतिक्षा में लीन थे। बारी-बारी से एक-एक कर देवी का मुख दर्शन और पूजा की प्रक्रिया पूरी करायी गई। पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड को देखते हुए पुलिस ने परिसर में पुख्ता बंदोबस्त कर रखा था। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने झरपट नदी में पवित्र स्नान कर देवी के दर्शन किए।

सम्बंधित ख़बरें

प्याज में अनिश्चितता, टमाटर ने दी राहत: अंतिम सीजन बना वरदान, किसानों के चेहरे खिले

नासिक जिला परिषद की पहल, निपुण महाराष्ट्र अभियान की तैयारी; पिछड़े विद्यार्थियों के लिए विशेष योजना

वोटर आईडी नहीं है? चिंता नहीं! नासिक चुनाव में इन 12 दस्तावेजों से डाल सकेंगे वोट

नासिक चुनाव में कॉर्पोरेट एंट्री; कार्यकर्ता पीछे, इवेंट कंपनियां आगे! नासिक चुनाव का नया मॉडल

झरपट नदी में लगाई डुबकी

नांदेड, मराठवाड़ा व आंध्रप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास से बहने वाले झरपट नदी में डूबकी लगाकर चैत्र पूर्णिमा का पवित्र स्नान किया। घाट पर किसी तरह की अनुचित घटना को रोकने के लिए गोताखोरों को तैनात रखा था। स्वयंसेवी संस्था एवं सामाजिक संगठनों की ओर से पुरी, भाजी, मसाला भात का वितरण किया जा रहा था। इसके अलावा दुरदराज से आए श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर में खुली जगह पर भोजन बनाते हुए नजर आए।

पालकमंत्री ने सपरिवार की देवी महाकाली की पूजा

चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री डाॅ. अशोक उईके ने सपरिवार आज देवी महाकाली मंदिर पहुंचकर मुख्य पूजा में सम्मिलित हुए और पूजा की। साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर के यात्रा इंतजामों का जायजा लिया।

पालकमंत्री अशोक उईके ने परिवार के साथ किए देवी महाकाली के दर्शन पूजा (फोटो नवभारत)

नारियल, फूल और सिंदूर बेचने वालों की सजी दुकानें

देवी महाकाली की ऐतिहासिक यात्रा में सहभागी होने मराठवाड़ा से आने वाले श्रद्धालुओं की बरसों से शहर के मुख्य प्रवेशद्वार जटपुरा गेट व अंचलेश्वर गेट की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। दोनों गेटों की पूजा किए बिना कोई भी बाहरी श्रध्दालु मंदिरों की ओर कूच नही करता है।

महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

इस वर्ष भी बडी संख्या में यात्रा में शामिल होने पहुचे यात्री इस परंपरा को पूरे विधिविधान से पालन करते हुए नजर आ रहे थे। मंदिर की ओर कूच करने से पहले श्रद्धालुओं के जत्थे ने इन गेट पर नारियल फोड़ कर एवं सिंदूर फूल से पूजा की। श्रद्धालुओं की असीम श्रद्धा को देखते हुए दोनों की गेट के पास नारियल, फूल और सिंदूर बेचनेवालों की दुकाने सजी हुई थी।

घोड़े पर सवार होकर पहुंचा यमुनामाई का पोहा

चैत्र महीने में भरने वाले महाकाली यात्रा में घोडे पर सवार होकर चंद्रपुर पहुचने की यमुनामाई की परम्परा 1860 से आज भी उनके वंशज बरकरार रखे हुए है। यमुनामाई की यात्रा नांदेड़ जिले के शेलगांव से चंद्रपुर के महाकाली मंदिर तक होती है। पिछले 164 वर्षों से यमुनाबाई का पोहा हर वर्ष जत्रा में पहुंचता है। जो कि इस जत्रा का मुख्य आकर्षण होता है।

The historic mahakali yatra concluded in chandrapur

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 13, 2025 | 08:04 AM

Topics:  

  • Chaitra Navratri
  • Chandrapur News
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.