Kharif Season: सावली में किसानों के लिए 'खरीफ शिकायत सेल' शुरू; गड़बड़ी करने वाले डीलरों पर होगी सख्त कार्रवाई

Chandrapur Kharif Season: चंद्रपुर की सावली तहसील में खरीफ सीजन के मद्देनजर 'शिकायत निवारण सेल' बनाया गया है। किसान बीज-खाद की कालाबाजारी या जबरन लिंकिंग की शिकायत सीधे दर्ज करा सकेंगे।
A 'Kharif Grievance Redressal Cell' has been set up in Sawali, Chandrapur to assist farmers and prevent fraud, overpricing, or forced product linking by dealers.
खरीफ, किसान (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Farmers Grievance Cell Kharif Season Chandrapur: सावली तहसील में खरीफ सीजन की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। खेतों में बुवाई पूर्व कार्य शुरू हो चुके हैं और किसान बीज, खाद तथा कीटनाशकों की खरीद की तैयारी में जुट गए हैं। इसी बीच किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी, अधिक कीमत वसूली, बनावटी किल्लत और जबरन खरीद जैसी शिकायतों को रोकने के लिए तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय में ‘खरीफ शिकायत निवारण एवं मार्गदर्शन सेल’ की स्थापना की गई है।

यह विशेष सेल 15 मई 2026 से कार्यरत हो चुका है और आगामी 30 सितंबर 2026 तक सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक किसानों की शिकायतों का समाधान करेगा। कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष सावली तहसील में लगभग 22,500 हेक्टेयर क्षेत्र में धान तथा 500 हेक्टेयर में कपास की खेती प्रस्तावित है। खरीफ सीजन के मद्देनजर कृषि केंद्रों पर किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है।

कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि बीज, खाद और कीटनाशक खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ‘लिंकिंग’ यानी एक उत्पाद खरीदने के लिए दूसरे उत्पाद को जबरन थोपने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सावली तहसील कृषि अधिकारी ललित राउत की अध्यक्षता में गठित इस सेल में गुणवत्ता नियंत्रक कृषि अधिकारी दिनेश पानसे सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। किसानों को कार्यालय में प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर अथवा नियुक्त कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान नकली बीज, मिलावटी खाद और अधिक कीमत वसूली जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और कृषि केंद्रों पर नियमित निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है।

तहसील कृषि अधिकारी ललित राउत ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि, “धोखाधड़ी से बचने के लिए किसान बीज और खाद खरीदते समय हमेशा पक्के बिल लें। बाजार में किसी प्रकार की गड़बड़ी या समस्या दिखाई देने पर तुरंत शिकायत निवारण सेल से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।”

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