चंद्रपुर की सावली तहसील में 30 हाथियों का डेरा, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ड्रोन से रखी जा रही नजर

Chandrapur Elephant Herd: चंद्रपुर की सावली तहसील में 30 हाथियों के झुंड के आने से प्रशासन सतर्क है। मानव-हाथी संघर्ष और फसलों का नुकसान रोकने के लिए वन विभाग ड्रोन से पैनी नजर रख रहा है।
A herd of 30 elephants creates alert in Chandrapur's Sawali region. Forest department deploys drones and patrol teams to prevent human-elephant conflict.
हाथियों का डेरा ,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrapur Forest Department Drone: चंद्रपुर में  पिछले कुछ दिनों से सावली तहसील में हाथियों के विचरण ने वन प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पता चला है कि हाथियों का झुंड सावली के हरम्बा उमरी तालाब इलाके के घने जंगल में पहुंच गया है। चूंकि झुंड अभी जंगल में ही है, इसलिए आसपास के गांवों, खेतों और मानव बस्तियों के मद्देनजर मानव-हाथी संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। इस बीच बताया जा रहा है कि शुक्रवार को वनविभाग ने एक उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें इन हाथियों के प्रबंधन व नियंत्रण के बारे में अगली रणनीति बनाने का निर्णय हुआ। वनविभाग ड्रोन, पेट्रोल टीम और स्थानीय कर्मचारियों के जरिए हाथियों की हलचलों पर लगातार नजर रख रहा है।

झुंड की गतिविधियों पर नजर

सावली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी विनोद धुर्वे के मुताबिक, इतने बड़े झुंड को नियंत्रित करना और तुरंत वापस भेजना मुमकिन नहीं है। वनविभाग का मुख्य उद्देश उनकी हलचलों पर नजर रखना और लोगों को सतर्क करना है। हाथियों की बढ़ती हलचल को देखते हुए, शुक्रवार को जिलाधिकारी, मुख्य वनसंरक्षक ने ब्रह्मपुरी में ड्रोन कैमरे से हाथियों के झुंड का अवलोकन किया, ऐसी जानकारी है।

वनसंरक्षक, सीईओ, एसडीओ, तहसीलदार और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में हाथियों की हलचल, लोगों की सुरक्षा के उपाय, फसल हानि, लोगों में जागरूकता और अगली कार्रवाई की योजना पर चर्चा की गई है। पिछले दो हफ्तों से सावली में हाथी लगातार घूम रहे हैं और वन प्रशासन उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है।

वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती

बताया जाता है कि 30 हाथियों के झुंड का सुरक्षित प्रबंधन, मानव-हाथी संघर्ष से बचना, फसल नुकसान कम करना, 3 संवेदनशील चंद्रपुर गांवों में निगरानी बढ़ाना, संबंधित इलाके में वनविभाग की पेट्रोलिंग बढ़ाना, झुंड को कुदरती तरीकों से वापस जंगल भेजने के लिए सही हालात बनाना आदि अहम मुद्दों पर चर्चा हुई पंरतु वास्तव में इस दिशा में कौनसे कदम उठाए गए है? इस बारे में आधिकारिक ब्यौरा नहीं मिल सका।

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