चंद्रपुर में बड़ा बस हादसा : स्टीयरिंग जाम होने से नाले में गिरी राजुरा डिपो की ST बस, कंडक्टर गंभीर

ST Bus Accident: राजुरा-गडचांदूर मार्ग पर एक अनियंत्रित ST बस नाले में जा गिरी। स्टीयरिंग जाम होने से हुए इस हादसे में महिला कंडक्टर लहूलुहान हो गई, जबकि चालक का पैर फ्रैक्चर हो गया। 
Major bus accident in Chandrapur: An ST bus from Rajura depot fell into a ditch due to a steering malfunction; the conductor is in serious condition
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chandrapur Road Accident News Today: राजुरा डिपो की एक यात्री बस बुधवार दोपहर भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। राजुरा से गडचांदूर मार्ग पर नाईकनगर और हरदोना के बीच बस (क्रमांक MH-40-Y-5321) का स्टीयरिंग अचानक जाम हो गया, जिससे चालक का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह छूट गया।

अनियंत्रित होकर बस सड़क किनारे एक गहरे नाले में जा गिरी। हादसे के समय बस में 5 से 7 यात्री सवार थे, जो चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बाहर निकल आए।

हादसे का मंजर और यात्रियों में दहशत

प्रत्यक्षदर्शी महिला यात्रियों के अनुसार, बस शुरुआत से ही काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही बस एक गहरे गड्ढे से टकराई, वह फिसलकर सीधे नाले में जा गिरी। दुर्घटना के बाद भी बस का इंजन चालू रहने के कारण भीतर फंसे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और खिड़कियों के जरिए घायलों को बाहर निकाला। 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी को राजुरा उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।

कंडक्टर और चालक को आई गंभीर चोटें

इस हादसे में बस कंडक्टर प्रिया प्रदीप पोपटे (35) के सिर में गंभीर चोट आई है और वे लहूलुहान हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें चंद्रपुर जिला सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं, चालक उमेश कुक्षिकांत (43) के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। घायल यात्रियों में शुभांगी मोहुर्ले, मंजूषा डोहे, माला राठोड और नारायण कन्नाके शामिल हैं, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं।

प्रशासनिक दावा बनाम कर्मचारियों के आरोप

हादसे के बाद डिपो के वाहन निरीक्षक दत्तू पाचभाई ने दावा किया कि बस को सुबह तकनीकी जांच और 'टेस्ट ड्राइव' के बाद ही रूट पर भेजा गया था। हालांकि, डिपो के कर्मचारी और चालक इस दावे से सहमत नहीं हैं। अस्पताल में मौजूद चालक-परिचालकों ने आरोप लगाया कि डिपो में तकनीकी रूप से अनफिट बसों की शिकायत करने के बावजूद उन्हें जबरन सड़क पर उतारा जाता है। कर्मचारी संघ का कहना है कि बार-बार स्मरणपत्र देने के बाद भी रखरखाव के नाम पर "कामगिरी शून्य" है।

डिपो प्रबंधक ने दिए जांच के आदेश

राजुरा डिपो प्रबंधक राकेश बोधे ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर पंचनामा करेगी। तकनीकी खराबी थी या मानवीय चूक, इसका खुलासा विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।

फिलहाल, इस हादसे ने महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की बसों की फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है।

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