

Pigmy Agent Commission: घरघर जाकर दैनिक बचत जमा करने वाले पिग्मी एजेंटों के लिए सहकार आयुक्तालय ने कमीशन बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत से 3 प्रतिशत करने का निर्देश तो जारी कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही सहकारी पतसंस्थाओं को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार कमीशन तय करने की छूट भी दे दी गई है। इसी वजह से पिग्मी एजेंटों में फिर से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के सहकार आयुक्त एवं निबंधक दीपक तावरे द्वारा जारी हालिया परिपत्र में दैनिक बचत संग्रह करने वाले पिग्मी एजेंटों का कमीशन 2.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है।
इससे पहले 30 मार्च 2026 के परिपत्र में कमीशन 2.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जिसका पिग्मी एजेंटों ने विरोध किया था।कमीशन बढ़ाने के निर्देशएजेंटों की मांग को ध्यान में रखते हुए 12 जून को सहकार आयुक्त ने पतसंस्था फेडरेशन की बैठक आयोजित की और कमीशन 3 प्रतिशत करने के निर्देश दिए। हालांकि, उसी परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक पतसंस्था अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार कमीशन की दर तय कर सकती है। कमीशन बढ़ा, लेकिन फैसला पतसंस्थाओं पर इसी कारण यह संशय बना हुआ है कि सभी संस्थाएं वास्तव में 3 प्रतिशत कमीशन देंगी या नहीं।
पिग्मी एजेंटों का कहना है कि वे हर मौसम और हर परिस्थिति में घरघर जाकर दैनिक बचत जमा करते हैं और इस दौरान उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके परिश्रम को देखते हुए सभी पतसंस्थाओं को 3 प्रतिशत कमीशन लागू करना चाहिए।
एजेंटों का आरोप है कि सहकार आयुक्त ने एक ओर उनकी मांग स्वीकार कर श्रेय तो ले लिया, लेकिन अंतिम निर्णय का अधिकार पतसंस्थाओं पर छोड़कर जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। उन्होंने मांग की है कि इस परिपत्र पर पुनर्विचार किया जाए और सभी पतसंस्थाओं के लिए 3 प्रतिशत कमीशन अनिवार्य किया जाए।
पिग्मी एजेंट एवं नगरसेवक गुलाबखां पठाण ने कहा कि सरकार द्वारा कमीशन बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया जाता है। अब तहसील की सभी पतसंस्थाओं को भी पिग्मी एजेंटों के हित में निर्णय लेते हुए 3 प्रतिशत कमीशन लागू कर सहयोग करना चाहिए।