चंद्रपुर में पतंजलि मेगा स्टोर पर FDA का छापा; भ्रामक दावों के आरोप में 45 हजार का औषधि भंडार जब्त

Chandrapur Patanjali Mega Store: चंद्रपुर के पतंजलि मेगा स्टोर पर एफडीए ने बड़ी कार्रवाई की है। जादुई उपचार अधिनियम के उल्लंघन और भ्रामक विज्ञापनों के आरोप में 45,970 रुपये की दवाएं जब्त की गई हैं।
FDA seized medicines worth Rs 45,970 from a Patanjali Mega Store in Chandrapur for violating the Drugs and Magic Remedies Act through misleading health claims.
चंद्रपुर पतंजलि मेगा स्टोर (सोर्स सोशल मीडिया)
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Chandrapur Patanjali Mega Store FDA Raid: चंद्रपुर शहर के जटपुरा गेट क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित पतंजलि मेगा स्टोर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 हजार 970 रुपये मूल्य का औषधि भंडार जब्त किया है। यह कार्रवाई 'औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954' के उल्लंघन के आरोप में की गई। इस कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, जटपुरा गेट के समीप पंजाब नेशनल बैंक के बगल में स्थित हॉस्पिटल वार्ड के मुख्य मार्ग पर संचालित मैसर्स शांति आर्य एंड सन्स पतंजलि मेगा स्टोर (दिव्य फार्मेसी) में 2 जून को एफडीए की टीम ने अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि बिक्री के लिए रखी गई कई औषधियों के लेबल एवं प्रचार सामग्री में विभिन्न गंभीर बीमारियों को ठीक करने के दावे किए गए थे।

इन दावों में मोटापा, दमा, हृदय रोग और बुखार जैसी बीमारियों के उपचार का उल्लेख किया गया था। एफडीए अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाने तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे विज्ञापनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान नियमों के विपरीत दावे पाए जाने पर कार्रवाई की गई और दवाओं के तीन नमूने परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

ये दवाएं की गईं जब्त

एफडीए द्वारा जब्त की गई दवाओं में दिव्य शिलाजीत ड्रॉप्स, फेवोग्रिट टैबलेट, पतंजलि टायफोग्रिट विद हनी, दिव्य अर्जुन घनवटी, दिव्य कार्डियोग्रिट गोल्ड, दिव्य मेदोहर वटी, हृदयामृत वटी, पतंजलि गिलोय घनवटी, महासुदर्शन घनवटी, मधु कल्प वटी, दिव्य ज्वरनाशक वटी, आरोग्य वटी, ब्रॉन्कोम, दिव्य कुल्या भस्म मिश्रण तथा श्वासारी गोल्ड कैप्सूल शामिल हैं।

जब्त किए गए औषधि भंडार का कुल मूल्य 45,970 रुपये बताया गया है। साथ ही तीन अलग-अलग नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। यह कार्रवाई एफडीए नागपुर विभाग के सह आयुक्त मिलिंद कालेश्वरकर तथा चंद्रपुर के सहायक आयुक्त एस। टी। सावंत के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षक नालंदा उरकुड़े एवं उनकी टीम द्वारा की गई।

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