पैनगंगा ने बदला रंग, लोगों में तरह-तरह की चर्चा, विशेषज्ञों द्वारा जल परीक्षण की आवश्यकता

Green Water Issue: चंद्रपुर के कोडाशी खुर्द क्षेत्र में पैनगंगा नदी का पानी अचानक हरा हो गया, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ी। विशेषज्ञों ने शैवाल और जल परीक्षण की आवश्यकता बताई।
पैनगंगा ने बदला रंग, लोगों में तरह-तरह की चर्चा
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Chandrapur Painganga River: कोरपना तहसील के कोडाशी खुर्द क्षेत्र से बहने वाली पैनगंगा नदी का पानी पिछले दो दिनों से पूरी तरह हरा दिखाई देने लगा है। नदी को पहले कभी इस रूप में नहीं देखा गया, जिसके कारण नागरिकों, किसानों और पर्यटकों में आश्चर्य और चिंता का माहौल है। चंद्रपुर-यवतमाल जिलों की सीमा पर बहने वाली पैनगंगा नदी जैचा देव (अजंता डोंगर) से निकलती है और वढा में वर्धा नदी में जाकर मिलती है।

आमतौर पर साफ और पारदर्शी दिखने वाले पानी का रंग अचानक हरा हो जाने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में बदलाव, पानी का कम प्रवाह, नदी में जमा शैवाल या सीवेज के मिश्रण के कारण ऐसा हो सकता है। हालांकि, रंग बदलने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

पानी का इस्तेमाल करने से कतरा रहे ग्रामीण

पानी का रंग बदलने के बाद किसानों में असमंजस की स्थिति है। पैनगंगा नदी का पानी बड़े पैमाने पर सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। किसानों का कहना है कि उन्होंने नदी के पानी का रंग पहली बार इतना बदलते देखा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पानी के नमूने तुरंत परीक्षण के लिए भेजे जाएं और वास्तविक कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

इसी बीच, कोडाशी खुर्द के पास नदी किनारे लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और हरे रंग के पानी को देखने के लिए उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। पर्यावरणविदों का कहना है कि पानी का यह अचानक बदलाव पर्यावरणीय परिवर्तन का संकेत हो सकता है, इसलिए संबंधित विभाग द्वारा शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रकाशित की जानी चाहिए।

अमलनाला बांध में भी हुई थी ऐसी घटना

इससे पहले अमलनाला बांध में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब पूरे बांध का पानी हरा हो गया था। उस समय लोगों में दहशत फैल गई थी। बाद की जांच में पाया गया कि मछुआरों द्वारा मछलियों के अवशेष फेंके जाने और अन्य कारणों से शैवाल की अत्यधिक वृद्धि हुई, जिसकी वजह से पानी का रंग बदल गया। पर्यावरणविद् सुरेश चोपने ने कहा कि  पानी के धीमे बहाव के कारण यहां शैवाल उग आए हैं। इसी वजह से नदी का पानी हरा दिखाई दे रहा है।

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