'युवराज' बाघ को देख उत्साहित हुए गडकरी, परिवार संग ताडोबा जंगल सफारी का उठाया लुफ्त

Nitin Gadkari Tadoba Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परिवार संग ताड़ोबा टाइगर रिजर्व में सफारी का आनंद लिया। इस दौरान 'युवराज' बाघ और बाघिन शावकों सहित उनके वाहन के सामने आ गए।
Nitin Gadkari At Tadoba Tiger Reserve Visit
नितिन गडकरी का ताडोबा टाइगर रिज़र्व का दौरा करते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Nitin Gadkari At Tadoba Tiger Reserve: ताड़ोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बाघों के दर्शन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। इसी क्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में अपने परिवार के साथ ताड़ोबा का दौरा किया और वन्यजीव सफारी का आनंद लिया।

सोमवार और मंगलवार को गडकरी परिवार ताड़ोबा भ्रमण पर पहुंचा। उनके साथ उनकी पुत्री, दामाद तथा अमेरिका से आए उनके भाई भी मौजूद थे। सफारी शुरू होते ही मोहर्ली एमटीडीसी मार्ग के बफर क्षेत्र में उन्हें एक बाघिन और उसके शावकों के रोमांचक दर्शन हुए, जिससे पूरा परिवार उत्साहित हो उठा।

‘युवराज’ बाघ आया वाहन के सामने

सफारी के दौरान कोर क्षेत्र में प्रवेश करने पर पर्यटकों को एक और यादगार अनुभव मिला। प्रसिद्ध नर बाघ ‘युवराज’ अचानक उनके सफारी वाहन के सामने आ गया। बाघ को इतने करीब से देखने का अवसर मिलने पर गडकरी परिवार सहित अन्य पर्यटकों में भी उत्साह का माहौल बन गया।

ताड़ोबा प्रवास के दौरान नितिन गडकरी परिवार ने वन्यजीव प्रेमी धनंजय बापट के स्वामित्व वाले रॉयल टाइगर रिसॉर्ट में ठहराव किया। यहां से उन्होंने ताड़ोबा के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में सफारी का अनुभव लिया। मंगलवार सुबह की सफारी पूरी करने के बाद गडकरी नागपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनका सरल और अनुशासित व्यवहार भी चर्चा का विषय रहा। उन्होंने निर्धारित नियमों के अनुसार सफारी के लिए पंजीकरण कराया और सुबह की सफारी हेतु तय समय से पहले ही प्रवेश द्वार पर पहुंच गए।

पहले भी कर चुके हैं ताड़ोबा का दौरा

यह पहली बार नहीं है जब नितिन गडकरी ताड़ोबा सफारी पहुंचे हों। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के विभिन्न चरणों के बीच भी उन्होंने परिवार के साथ ताड़ोबा का दौरा किया था और बाघों के दर्शन किए थे। ताड़ोबा के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के प्रति उनका विशेष आकर्षण लगातार देखने को मिलता रहा है।ताड़ोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना में बाघों की बढ़ती संख्या और नियमित दर्शन के कारण यह क्षेत्र देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वन्यजीव प्रेमियों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। बाघों के रोमांचक दर्शन यहां आने वाले पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होते हैं।

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