Chandrapur News: 2 मौतों के बाद जागा महावितरण, जारी किया हेल्पलाइन नंबर, मानसून में सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

महावितरण ने मानसून के दिनों में लोगों को बिजली के तारों से सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
2 मौतों के बाद जागा महावितरण
2 मौतों के बाद जागा महावितरण। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Updated on

चंद्रपुर: आंधी-तूफान से बिजली के तार गिरने तथा उसके संपर्क में आने से 2 व्यक्तियों की मौत की अलग-अलग घटनाओं के बाद अब जिले में महावितरण विभाग नींद से जाग उठा है। महावितरण ने इस संदर्भ में अब मानसून के दिनों में लोगों को बिजली के तारों से सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

ज्ञात हो कि जिले में एक पखवाड़े में बिजली के जीवित तार के संपर्क में आने से 2 व्यक्तियों की मौत होने की अलग-अलग घटनाएं हुई हैं। पहली घटना चंद्रपुर शहर में आकाशवाणी रोड पर हुई थी जबकि दूसरी घटना बुधवार को भद्रावती में हुई। दोनों घटनाओं में समानता रही, आंधी-तूफान के मौसम में बिजली के खंभे से तार टूटकर गिरने तथा उस तार के संपर्क में आने से दोनों व्यक्तियों की मौत हुई थी।

मानसून के मौसम में बिजली गिरने के खतरा

इस संदर्भ में अब महावितरण के स्थानीय विभाग ने मानसून के मौसम में बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों से अपील की है कि यदि इस अवधि के दौरान विद्युत प्रणालियों के साथ सावधानी बरती जाए तो विद्युत दुर्घटनाओं को रोकना संभव है। महावितरण ने अब नागरिकों से संपर्क करने के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष और शाखा कार्यालय विशेष सेवा सक्रिय की है।

महावितरण ने लोगों को सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि भारी बारिश, तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली की लाइनें, बिजली के खंभे, सड़क के किनारे फीडर खंभे, जनरेटर के लोहे के ढक्कन, फ्यूज बॉक्स, घर में नमी वाले बिजली के उपकरण, कृषि पंपों के स्विच बोर्ड आदि से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। कभी-कभी पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरने से बिजली के खंभे झुक जाते हैं।

टूटी और लटकती बिजली की लाइनों से सावधान

परिणामस्वरूप, बिजली की लाइनें टूट सकती हैं और उनमें से विद्युत प्रवाह होने की संभावना रहती है, इसलिए ऐसी टूटी और लटकती बिजली की लाइनों से सावधान रहने की जरूरत है। महाराष्ट्र वितरण महामंडल (एमडीसी) ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन तारों को न छुएं और न ही हटाएं तथा यदि डीपी का कवर खुला हो तो वे निकटतम महावितरण कार्यालय को सूचित करें।

Navbharat Live
navbharatlive.com