महाराष्ट्र के हर थाने में बनेगी स्पेशल एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड, लापरवाही पर नपेंगे थाना प्रभारी, अच्छे काम पर इनाम
Anti Drugs Squad: युवाओं को नशे से बचाने के लिए राज्य के हर थाने में स्पेशल एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड का गठन होगा। बेहतरीन काम करने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष वेतनवृद्धि मिलेगी।
- Written By: केतकी मोडक
एंटी ड्रग्स स्क्वॉड प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Police Special Anti Drugs Squad: युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में जल्द ही स्पेशल एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड गठित किया जाएगा। यह विशेष टीम स्थानीय स्तर पर ड्रग्स की बिक्री, तस्करी और नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखेगी। वहीं, ड्रग्स के मामलों में उल्लेखनीय कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को विशेष वेतनवृद्धि और पसंदीदा स्थान पर पदस्थापना का लाभ मिलेगा, जबकि किसी थाना क्षेत्र में ड्रग्स की बिक्री सामने आने पर संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को मिलेगा प्रोत्साहन
ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष वेतनवृद्धि दी जाएगी। साथ ही, स्थानांतरण के समय उन्हें पसंदीदा जगह पर नियुक्ति का विकल्प भी मिलेगा।
हर थाने में होगी अलग एंटी-ड्रग्स टीम
राज्य सरकार ने प्रत्येक पुलिस थाने में स्वतंत्र एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड बनाने का निर्णय लिया है। यह टीम केवल मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क पर निगरानी रखेगी तथा स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
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तो थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदार
यदि किसी थाना क्षेत्र में बार-बार ड्रग्स की बिक्री या तस्करी के मामले सामने आते हैं, तो संबंधित वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक या थाना प्रभारी को सीधे जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
15 विभागों की संयुक्त टास्क फोर्स
ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित कुल 15 सरकारी विभागों की संयुक्त टास्क फोर्स बनाई गई है। इससे समन्वय के साथ तेज कार्रवाई संभव होगी।
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जिले में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र
सरकार का मानना है कि केवल कानूनी कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। नशे की लत से प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए चंद्रपुर सहित राज्य के प्रत्येक जिले में आधुनिक नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
