जब्त ट्रक (फोटो नवभारत)
Chandrapur Truck Fraud News: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती के एक व्यावसायी से धोखाधड़ी कर दो ट्रक हथियाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश से उक्त ट्रक को काटकर टुकड़े करनेवाले आरोपी को घुग्घुस पुलिस ने खोज निकाला है। इस मामले में पुलिस ने नागपुर से एक आरोपी को हिरासत में लिया है, मुख्य आरोपी फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस की कस्टडी में होने की जानकारी सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दी है। फरियादी गोविंद अतुल कुंडू के मालकियत के दो टाटा डंपर (क्र. MH-29-BE-1656, MH-29-BE-1657) आरोपी साबीर अली सिराजउद्दीन सय्यद (नि। घुग्घुस) ने खरीदने के बहाने नोटरी के माध्यम से कब्जे में लिए थे। परंतु, तय राशि न देते हुए फरियादी से आर्थिक धोखाधड़ीकी गई। यहीं नहीं ट्रक गायब कर लिए गए।
पीड़ित कुंडू ने इस मामले की शिकायत घुग्घुस पुलिस थाने में की। इस आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था। अपराध की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटिल ने तकनीकी जांच शुरु की। जांच के दौरान मिली गुप्त सूचना के अनुसार, आरोपी साबीर अली सिराजुद्दीन सय्यद ने यह ट्रक नागपुर के जिया उर रहमान उर्फ जिया अन्सारी के कब्जे में देने की बात कही।
घुग्घुस पुलिस के एक दल ने नागपुर में छापा मारा और जिया अन्सारी को हिरासत में लिया। उसने अपराध कबूला। उसके अनुसार, साबीर अली के कहने पर उसने दोनों ट्रक गैस कटर से काट कर उसके टुकडे कर दिए। उससे पुलिस ने ट्रक के चेसिस टुकडे, टायर, ऑईल टंकी, फायबर बोनेट व अन्य कलपुर्जे जब्त किए है। आरोपी साबीर अली सिराजुद्दीन सय्यद ने छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसी तरह के अपराध किये होने की जानकारी सामने आयी। वह फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस के कब्जे में है। जबकि नागपुर के आरोपी जिया अन्सारी ने अपराध में इस्तेमाल मुद्देमाल पुलिस के हवाले किया है। इस अपराध में उसकी संलिप्तता स्पष्ट होने का दावा पुलिस ने किया है।
यह कार्रवाई चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, अपर पलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौघुले के मार्गदर्शन में थानेदार प्रकाश राऊत के नेतृत्व में सहाय्यक पुलिस निरीक्षक सचिन तायवडे के सहयोग से सफल की गई। इस कार्रवाई में सहाय्यक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटील, पुलिस सिपाही परमेश्वर डोईफोडे व उनकी टीम ने अहम योगदान दिया।
यह भी पढ़ें:- मुंबई से झारखंड के लिए सीधी ट्रेन सर्विस शुरू, धनबाद-LTT एक्सप्रेस हुई रेगुलर, जानें पूरा शेड्यूल
वाहन मालिक इस तरह से अपने ट्रक या अन्य वाहन किराए से देते समय या बेचते समय विशेष सावधानी बरते, ऐसी अपील पुलिस प्रशासन ने की है। धोखाधड़ी टालने के लिए वाहन बेचते समय केवल नोटरी पर निर्भर न रहते हुए संबंधित बैंक के कर्ज (Loan) अधिकृत रुप से खरीदार के नाम पर ट्रान्सफर कर लेने की सतर्कता बरतनी चाहिए।
चंद्रपुर पुलिस ने बताया है कि खरीदार या किराए से लेनेवाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि जांच परख लेनी चाहिए। उस व्यक्ति का नाम, पता, उसके व्यवसाय की सुनिश्चितता किए बिना किसी तरह के लेनदेन से बचना चाहिए। सिबिल (CIBIL) पडताल भी करने की सलाह पुलिस ने दी है। किसी भी तरह के व्यवहार के पूर्व खरीदार की आर्थिक क्रेडिट और सिबिल स्कोर की जांच करनी चाहिए। इस व्यवहार में अधिकत प्रक्रिया आरटीओ (RTO) के माध्यम से कानूनी हस्तांतरण पूरा हुए बिना वाहन का कब्जा किसी को न देने की बात भी पुलिस ने अपनी विज्ञप्ति में कही है।