हक की जमीन नहीं देंगे, गोंडपिपरी एमआईडीसी के खिलाफ किसान एकता संघर्ष समिति का ऐलान

Gondpipari MIDC Protest: गोंडपिपरी में प्रस्तावित एमआईडीसी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। हाईकोर्ट के स्टेटस को आदेश से किसानों को राहत मिली है।
gondpipari midc land acquisition farmers protest status quo
गोंडपिपरी एमआईडीसी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

MIDC Land Acquisition: गोंडपिपरी तहसील में प्रस्तावित एमआईडीसी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। जमीन अधिग्रहण की आशंका से किसानों में पहले से ही बेचैनी है। अब कुछ स्वयंभू किसान नेताओं और बिचौलियों द्वारा एमआईडीसी के साथ जमीन के सौदेबाजी में शामिल होने के आरोपों ने किसानों का गुस्सा और बढ़ा दिया है। किसान एकता संघर्ष कार्रवाई समिति ने गोंडपिपरी विश्रामगृह में पत्रकार वार्ता कर कथित बिचौलियों की भूमिका पर नाराजगी जताई।

समिति ने सांसद प्रतिभा धानोरकर और पूर्व विधायक सुभाष धोटे से गोंडपिपरी एमआईडीसी को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। समिति पदाधिकारियों ने दोनों नेताओं को प्रभावित 12 गांवों का दौरा कर किसानों से सीधे संवाद करने की चुनौती दी। किसानों ने कहा, “जिन नेताओं की खुद की जमीन नहीं गई, उन्हें हमारे दर्द और भावनाओं का क्या पता?”

हाईकोर्ट के ‘स्टेटस को’ से किसानों को राहत

गोंडपिपरी एमआईडीसी के खिलाफ किसानों की न्यायालयीन लड़ाई को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने एमआईडीसी मामले में ‘स्टेटस को’ का आदेश दिया। इससे किसानों में राहत और उत्साह का माहौल है।इसी पृष्ठभूमि में आगे की रणनीति तय करने के लिए शनिवार को बैठक आयोजित की गई। समिति के अनुसार, एमआईडीसी का मुद्दा अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है और किसानों के हित में दो अलग-अलग संघर्ष समितियां सक्रिय हैं।

gondpipari midc land acquisition farmers protest status quo
नासिक मनपा में बहुमत के बावजूद सभापतियों का चुनाव बाकी; मनोनीत सदस्य भी अटके, कामकाज धीमा

नेताओं को 12 गांवों में जाने की चुनौती

किसान एकता संघर्ष कार्रवाई समिति ने सांसद प्रतिभा धानोरकर और पूर्व विधायक सुभाष धोटे से प्रभावित 12 गांवों में जाकर किसानों की वास्तविक स्थिति जानने की मांग की। समिति का कहना है कि किसानों के बीच मौजूद असंतोष को समझे बिना एमआईडीसी को लेकर कोई भूमिका तय करना उचित नहीं होगा।

पत्रकार वार्ता में समिति अध्यक्ष मारोती भोयर, सचिव माधव लडके, कोर कमेटी सदस्य कमलेश निमगडे, राजेश कवठे, शालिकराम माऊलीकर, एडवोकेट सचिन फुलझेले, रामदास मोहुर्ले, अतुल झाडे, अमित भासरकर, सुदर्शन दुर्गे, विपिन मोरे, राहुल सोनटक्के, रुपेश मेदाले, गजानन ढवस, संतोष निकोडे, सुनील पूडके सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com