

Chandrapur Tiger Attack: बाघ का नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन मिंडाला गांव के किसान सुरेश मुखरू वाघाड़े (40) ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बाघ के हमले को नाकाम कर अपनी जान बचा ली। हाथ में मौजूद केवल एक कुल्हाड़ी के सहारे उन्होंने बाघ को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस साहसिक घटना की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे सुरेश वाघाड़े अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला करने की कोशिश की।
अचानक सामने आए बाघ को देखकर वे क्षणभर के लिए घबरा गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी बाघ की ओर लहराते हुए उन्होंने उसका सामना किया। किसान के साहस को देखते हुए बाघ पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला। इस दौरान बाघ के पंजों से सुरेश के पेट और पीठ पर खरोंचें आई। घायल होने के बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और स्वयं ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर उपचार कराया।
गौतमनगर में तेंदुए की दहशत भद्रावती शहर के गौतमनगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की लगातार आवाजाही देखे जाने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। नगरसेवक महेश जीवतोडे, नियोजन सभापति राहुल सोनटक्के तथा नगरसेवक संतोष कुरेकार ने इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
बताया गया है कि गौतमनगर स्थित शिवा वाघमारे के घर के पास खाली पड़ी जमीन पर चंद्रपुर में तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि 1 जून 2026 की रात तेंदुए ने इसी क्षेत्र में एक बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला था। इसके बाद से नागरिकों में डर और बढ़ गया है।
घटना के बाद वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में तीन ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों की मदद से बाघ की निगरानी की जाएगी। यह जानकारी क्षेत्र सहायक तिरपुडे ने दी।