

Wife Axe Fight Leopard In Chandrapur: चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही तालुका के अंतर्गत आने वाले पलसगांव (जाट) परिसर से साहस, वीरता और अटूट प्रेम की एक ऐसी हैरतअंगेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। खेत में काम करने के दौरान झाड़ियों में छिपे एक खूंखार तेंदुए ने अचानक एक गरीब किसान पर जानलेवा हमला बोल दिया।
अपने जीवनसाथी को साक्षात मौत के जबड़े में फंसा देख, वहां मौजूद उसकी पत्नी न तो घबराई और न ही कदम पीछे खींचे। महिला ने अपनी अद्भुत सूझबूझ, अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए सीधे तेंदुए को चुनौती दे डाली, जिसके चलते किसान पति की जान बाल-बाल बच गई। सिंदेवाही तालुका से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित पलसगांव (जाट) में घटित इस रोमांचक और रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये के बाद इस बहादुर महिला की हर तरफ जमकर सराहना और सम्मान हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से सिंदेवाही तालुका के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में बाघों और तेंदुओं की हलचलें तथा सक्रियता काफी हद तक बढ़ गई हैं, जिसके कारण स्थानीय काश्तकारों और खेतों में मजदूरी करने वाले ग्रामीणों में भारी डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। चूंकि इन दिनों मानसून से ठीक पहले किए जाने वाले बुआईपूर्व खेती के काम बेहद तेज गति से चल रहे हैं, इसलिए अपनी फसलों की तैयारी के लिए कई किसान सुबह-सुबह ही अपने-अपने खेतों का रुख कर रहे हैं। ऐसी ही परिस्थितियों के बीच रविवार की सुबह पलसगांव निवासी लोमेश गायकवाड (45) अपनी पत्नी के साथ गांव के ही कब्रिस्तान के पास स्थित अपने खेत में बुआईपूर्व कार्यों में व्यस्त थे। दोनों पति-पत्नी अपने काम में मग्न थे कि तभी पास ही लगी घनी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक भूखे तेंदुए ने अचानक छलांग लगा दी और सीधे लोमेश के ऊपर खूनी हमला कर दिया। तेंदुए के इस अप्रत्याशित और भीषण हमले से लोमेश बुरी तरह सहम गए और पलक झपकते ही घायल अवस्था में पूरी तरह बेबस होकर जमीन पर गिर पड़े।
जमीन पर गिरे तड़प रहे पति को जब तेंदुए ने अपने चंगुल में दबोच लिया, तो पास ही खड़ी उनकी पत्नी को तुरंत हकीकत का अहसास हुआ। एक पल की भी देरी किए बिना और अपने खुद के प्राणों की परवाह छोड़, वह बहादुर महिला पास ही रखी लोहे की कुल्हाड़ी हाथ में उठाकर सीधे तेंदुए पर झपट पड़ी। महिला ने पूरे वेग के साथ कुल्हाड़ी से तेंदुए पर जवाबी हमला किया और साथ ही आसमान हिला देने वाली जोरदार चीख-पुकार और चिल्लाहट के साथ उस हिंसक जानवर को सीधे ललकारा। एक अकेली महिला का ऐसा रौद्र रूप, हाथ में चमकती कुल्हाड़ी और इतना भयंकर जीवट भरा विरोध देखकर तेंदुआ भी भीतर से बुरी तरह डर गया। अपनी जान पर संकट आते देख तेंदुआ तुरंत लोमेश को छोड़कर पीछे हटा और देखते ही देखते घने जंगल की तरफ दुम दबाकर भाग खड़ा हुआ। अंततः उस जांबाज पत्नी की चट्टानी हिम्मत ने यमराज के द्वार तक पहुंच चुके लोमेश को सुरक्षित वापस खींच लिया।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खूनी संघर्ष के बाद आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। घायल और लहूलुहान हो चुके लोमेश गायकवाड को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका प्राथमिक इलाज किया गया। राहत की बात यह है कि समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाने के कारण लोमेश की हालत फिलहाल पूरी तरह से खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे सिंदेवाही इलाके और पलसगांव में भारी खलबली मच गई है। वन विभाग के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए आस-पास के सभी गांव वालों से खेतों में अकेले न जाने और अत्यधिक अलर्ट तथा सतर्क रहने की सख्त अपील जारी की है।