एक माह में चार हमले! चिमूर में बढ़ा बाघ का आतंक, घात लगाकर किसान पर किया हमला

Chandrapur News: चंद्रपुर के चिमूर में खेत में मवेशी चरा रहे किसान पर बाघ का हमला, कैलास धारणे गंभीर रूप से घायल। एक माह में चार हमलों से क्षेत्र में दहशत, ग्रामीणों ने बाघ पकड़ने की मांग की।
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बाघ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Tiger Terror In Chimur: चंद्रपुर जिले के चिमूर में खेत में शिकार की ताक में छिपे बाघ ने मवेशी चरा रहे एक किसान पर हमला कर दिया। इसमें किसान घायल हो गया। इस हमले में किसान बाल-बाल बच गया। यह घटना गुरुवार, 9 अक्टूबर की दोपहर करीब 1 बजे नेरी के पास रामपुर जंगल के पास हुई। घायल किसान का नाम कैलास आनंदराव धारणे (50) है।

बाघ ने एक महीने में इस क्षेत्र में चार नागरिकों को घायल कर दिया है, जिससे इस क्षेत्र में बाघों का भय व्याप्त है। हमलावर बाघ का तत्काल बंदोबस्त किया जाए, अन्यथा नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

रामपुर के एक किसान, कैलास आनंदराव धारणे, जंगल के पास खेत में मवेशी चराने गए थे। जब मवेशी चर रहे थे, तभी दोपहर करीब 1 बजे एक बाघ ने कैलास पर अचानक हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मवेशी भ्रमित हो गए और भागने लगे। हालांकि, वह हाथ में एक डंडा लेकर होने से बाल-बाल बच गए और चिल्लाकर अपनी जान बचाई।

घायल का चिमूर अस्पताल में इलाज जारी

बाघ ने किसान पर हमला किया जंगल की ओर भाग गया। बाघ के हमले की खबर मिलते ही नागरिक घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घायल को तुरंत इलाज के लिए चिमूर के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही वनरक्षक संभाजी वडझे और उनके साथी अस्पताल पहुंचे और धारने से मिले और पंचनामा किया। पुलिस विभाग ने भी पंचनामा किया। इस बाघ ने एक महीने में अब तक चार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया है, इसलिए नागरिकों और किसानों में इस बाघ का डर फैल गया है। पता चला है कि तलोधी (बा) के वन परिक्षेत्र अधिकारी घायलों से मिलने आएँगे।

बाघ को तुरंत नियंत्रित करें, अन्यथा विरोध प्रदर्शन

रामपुर वन क्षेत्र में इसी हमलावर बाघ ने बोलधा, हेटी, कोटगांव और अब रामपुर में किसानों को घायल कर दिया। सौभाग्य से, उनकी जान बच गई। ऐसी घटनाएं होते रहने के बावजूद, वन विभाग बाघ का बंदोबस्त करने में विफल रहा है।

यह बाघ बडा बाघ है और इसी क्षेत्र में सक्रिय है। इसने कई जानवरों को भी मार डाला है, जिससे नागरिकों और किसानों में दहशत का माहौल है। नागरिकों ने जब वन विभाग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया, और उन्होंने इशारा दिया कि बाघ पर तत्काल नियंत्रण कर ले, नहीं तो वे सड़कों पर उतरकर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

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