

चंद्रपुर जिले में बाघ के हमलों की दो अलग-अलग घटनाओं में दो किसानों की जान चली गई।
चिमूर तहसील के गरड़ापार निवासी 50 वर्षीय सदाशिव चिरकूटा खड़संग पर खेत में कपास चुनते समय बाघ ने हमला कर दिया।
सिंदेवाही तहसील के धुमनखेड़ा निवासी 75 वर्षीय पत्रु रामाजी मेश्राम धान की फसल देखने खेत गए थे।
Chandrapur Tiger Terror: चंद्रपुर जिले में बाघों का आतंक लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। खेतों में फसलों की देखभाल करने गए दो किसानों की शुक्रवार को बाघ के हमलों में मौत हो गई।
चिमूर तहसील के गरड़ापार में कपास चुनने गए 50 वर्षीय सदाशिव खड़सेंग पर बाघ ने हमला कर दिया, जबकि सिंदेवाही तहसील के धुमनखेड़ा में धान की फसल देखने गए 75 वर्षीय पत्रु मेश्राम का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। दोनों घटनाओं ने जंगल से सटे गांवों में दहशत बढ़ा दी है। 24 घंटे में बाघ के हमले में दो किसानों की मौत होने से क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच गरड़ापार गांव के किसान सदाशिव चिरकूटा खड़संग (50) की बाघ के हमले में मौत हो गई। गदगांव बीट के उरकुड़पार क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 380 में हुई इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। सदाशिव खड़संग शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे कपास चुनने के लिए खेत में गए थे।
इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए उपजिला अस्पताल, चिमूर भेज दिया। वनपरिक्षेत्र अधिकारी निशा राठोड़ सहित वन विभाग के दल ने आवश्यक कार्रवाई की और मामले की जांच जारी है।
शुक्रवार दोपहर बाघ ने एक चरवाहे पर हमला कर दिया। इस हमले में राजेश्वर बिजा सिडाम (60), निवासी सातारा तुकूम, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल चंद्रपुर के जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। राजेश्वर सिडाम रोज की तरह गायों को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे।
इसी दौरान सातारा तुकूम के वन कक्ष क्रमांक 436 में घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी और गोंडवाना आंदोलन आदिवासी आंदोलन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल चरवाहे को तत्काल उपचार के लिए चंद्रपुर के जिला सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के धुमनखेड़ा गांव में शुक्रवार शाम बाघ के हमले में एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया। मृतक की पहचान पत्रु रामाजी मेश्राम (75), निवासी धुमनखेड़ा के रूप में हुई है। वह दोपहर में अपने खेत में धान की फसल देखने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे।
तलाश के दौरान उनका क्षत-विक्षत शव मिला, जानकारी के अनुसार, सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के नवरगांव उपवनक्षेत्र अंतर्गत धुमनखेड़ा निवासी पत्रु मेश्राम शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे गांव के पास स्थित अपने खेत में धान की फसल का निरीक्षण करने गए थे। शाम तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।
खेत के आसपास तलाशी के दौरान उनका चश्मा, लाठी और चप्पल मिली, जमीन पर खून के निशान दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची ग्रामीणों की मदद से आसपास के क्षेत्र में खोज अभियान चलाया गया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पत्रु मेश्राम का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
प्रारंभिक अनुमान है कि बाघ ने उन पर हमला किया और शव को घसीटकर वहां तक ले गया। घटन के बाद वन विभाग और पुलिस ने मौके का पंचनामा किया, शव को पोस्टमार्टम के लिए सिंदेवाही ग्रामीण अस्पताल भेज दिया गया। इस घटन से धुमनखेड़ा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।