चंद्रपुर में करोड़ों का क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाला उजागर, सैकड़ों निवेशकों से ठगी की आशंका

Chandrapur Cryptocurrency Scam: चंद्रपुर में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो निवेश घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा मामले की जांच कर रही है और पीड़ितों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
Multi-Crore Cryptocurrency Investment Scam Exposed in Chandrapur; Hundreds of Investors Feared Defrauded
EOW Investment Fraud Investigation ( Source: Social Media )
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EOW Investment Fraud Investigation: चंद्रपुर जिले में करोड़ों रुपयों का क्रिप्टोकरन्सी निवेश घोटाला उजागर हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले का पर्दाफाश किया है। रैकेट से जिले के सैंकड़ों निवेशकों से धोखाधडी होने का अनुमान है।

मामले के सभी पीडित्तों से आगे आकर शिकायतें दर्ज करने व संबंधित कागजात पेश करने की अपिल ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने की है। बताया जाता है कि 27 वर्षीय निवेश प्रबंधक कार्तिक खंगार की शिकायत के बाद यह मामला समाने आया है।

आरोपियों ने निवेशकों को बड़े रिटर्न का प्रलोभन, खास आईडी और महिंद्रा XUV300 जैसी लक्झरी गाडियों का लालच दिखा कर निवेश करने को उकसाया।

इस प्रलोभन की बली चढ़े पीडित खंगार और उनके कुछ परिचितों ने लगभग 14 लाख रुपए निवेश किए, वहीं अन्य कई लोगों ने बड़ी राशि जमा की। परंतु बाद में यह योजना महज छलावा साबित हुई।

इस मामले में चंद्रपुर के रामनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता तथा महाराष्ट्र जमाकर्ता हितसंरक्षण कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया। फिलहाल इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू के व्दारा चल रही है।

जिलेभर में फैले बड़े रैकेट के जाल की पडताल करने की पुलिस की तैयारी है। ईओडब्ल्यू ने सभी प्रभावित लोगों से शिकायत दर्ज करने की अपील की है। साथ ही इस संबंध में आवश्यक कागजात पेश कर जांच में सहयोग करने की अपील भी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने की है।

दो संदिग्ध आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रमेश भास्कर (33, निवासी बीड), मंगलदास वरखडे (49, रा. जुनोना) ऐसे गिरफ्तार आरोपियों के नाम बताए जाते है।

जांच में इन दोनों ने फर्जी निवेश मॉडल और झूठे आश्वासनों से कईयों को फंसाने की बात कबूल की है। इस घोटाले के पीडितों की संख्या सैकडों में होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

आर्थिक धोखाधड़ी का प्रमाण बड़ा होने की बात सामने आ रही है। इस बीच, एमपीआयडी कानून के तहत निवेशकों के पैसे वापस मिलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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