चंद्रपुर में आवास योजना के 46,000 घर अधर में; तकनीकी खामियों और फंड की कमी से गरीबों का आशियाना अधूरा
चंद्रपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूर 57,466 घरों में से 46,200 अब भी अधूरे हैं। 'स्पर्श' पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और किश्तों में देरी के कारण लाभार्थी कर्ज के बोझ तले दबे हैं।
Chandrapur News: चंद्रपुर ज़िले में ग्रामीण इलाकों के हज़ारों गरीब लोगों का पक्का घर का सपना अभी भी पूरा नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण चरण2 के तहत ज़िले में मंज़ूर हुए घरों में से आधे भी अब तक पूरे नहीं हुए हैं। रुकी हुई किश्तों, बढ़ती महंगाई और तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से ग्रामीण इलाकों के लाभार्थियों को गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा हैं।
कब तक चलेगा लोन पर कामकई लाभार्थियों ने जानपहचान वाले दुकानदारों से सीमेंट और ईंट कर्ज पर लेकर घर का काम कुछ हद तक पूरा किया है। लेकिन, सरकार की दूसरी या तीसरी किश्त खाते में जमा न होने की वजह से अब दुकानदार कर्ज लौटाने की रट लगा रहे है। इसलिए, कब तक कर्ज पर निभाते रहेऐसा संतप्त सवाल लाभार्थियों ने उठाया है।
59,000 घर हुए मंज़ूर मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना 202425 चरण2 के तहत ज़िले में कुल 59,075 घर बनाने का लक्ष्य था। जिसमें से प्रशासन ने 57 हज़ार 466 घर मंज़ूर कर लिए हैं। हालांकि सावली और चिमूर जैसे तहसील में मंज़ूरी की रफ़्तार ज़्यादा है, लेकिन घरों के बनने की रफ़्तार धीमी हो गई है। हालांकि चंद्रपुर ज़िले में ज़्यादातर लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं, लेकिन किस्त मिलने की रफ़्तार मंद होती जा रही है।
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पहली किस्त के बाद करीब 28 हज़ार लाभार्थी दूसरी किस्त से वंचित हैं, जबकि सिर्फ़ 6 हज़ार लाभार्थियों तक चौथी किस्त पहुंची है। घरों के ऑनलाइन पंजीयन और किश्तों की मंज़ूरी के लिए स्पर्श नाम का नया सिस्टम लागू किया गया है। लेकिन, इस सिस्टम में कई तकनीकी खामियां हैं, फोटो अपलोड न होने और सर्वर डाउन होने की वजह से लाभार्थियों की किश्तों में विलंब हो रहा है।
यह सिस्टम ग्रामीण इलाकों में कम पढ़ेलिखे लाभार्थियों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है।पहली किस्त55,363दूसरी किस्त27,215तीसरी किस्त17,479चौथी किस्त6,148सिर्फ़ 11 हज़ार घर पूरे, 46 हज़ार अधूरेजिले में घर बनने की रफ़्तार बहुत चिंताजनक है। मंज़ूर 57,466 घरों में से सिर्फ़ 11,266 घर ही पूरे हुए हैं। बाकी 46,200 घर अभी भी अधूरे हैं। खासकर चंद्रपुर 1,168, बल्लारपुर 1,940 और मूल 5,445 तहसील में हज़ारों काम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।फोटो18सीएचएनबी 114
