चंद्रपुर मनपा में बड़ा खुलासा, नाला सफाई ठेका रद्द, फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि

Municipal Corporation Cancels Tender: चंद्रपुर मनपा के नाला सफाई ठेके में फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद स्थायी समिति ने संत मीराबाई संस्था का ठेका रद्द कर दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- AI)
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Tender Cancelled Due To Fake Documents In Chandrapur: चंद्रपुर महानगरपालिका के नाला सफाई ठेके में कथित अनियमितताओं का मामला आखिरकार उजागर हो गया है। जांच में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि होने के बाद स्थायी समिति ने ‘संत मीराबाई सेवा सहकारी संस्था’ का ठेका रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से मनपा प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नई व्यवस्था होने तक नाला सफाई का कार्य ‘अर्बन इन्वायरो’ संस्था को सौंप दिया गया है।

जांच में फर्जी दस्तावेज की पुष्टि के बाद ठेका रद्द

महानगरपालिका ने शहर के खुले और भूमिगत नालों की यांत्रिक सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। हालांकि, ठेका प्राप्त करने वाली संत मीराबाई संस्था द्वारा प्रस्तुत EPF समेत विभिन्न दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठाए गए थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समिति के सभापति मनस्वी गिऱ्हे ने जांच समिति गठित की थी। शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में जांच समिति की सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रशासनिक जांच में संबंधित दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद समिति के सदस्यों ने ठेका रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया।

समिति बैठक में तीखी बहस, जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये

इस मुद्दे पर बैठक के दौरान सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सभापति मनस्वी गिरहे, सदस्य सुभाष कासमगोट्टूवार और प्रज्वल कडू ने तत्काल ठेका रद्द करने की मांग की। वहीं विपक्षी सदस्यों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निर्णय लेने की बात कही। बैठक में सदस्य पप्पू देशमुख ने ठेका मंजूरी प्रक्रिया में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की। उनकी मांग का समर्थन प्रज्वल कडू ने भी किया।

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर सख्ती

चंद्रपुर शहर की स्वच्छता को लेकर भी स्थायी समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर लगाया जाने वाला जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर सीधे 500 रुपये कर दिया गया है। प्रशासन को स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इरई नदी गहरीकरण कार्य पर नया विवाद

बैठक में इरई नदी के गहरीकरण कार्य में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। गहरीकरण उपसमिति के सदस्य पप्पू देशमुख ने कार्य में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए 10 बिंदुओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने नदी से निकाली गई मिट्टी की अवैध बिक्री का भी आरोप लगाया और मामले की महानगरपालिका तथा राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त जांच कराने की मांग की। इन दोनों संवेदनशील मुद्दों के कारण शुक्रवार की स्थायी समिति की बैठक काफी चर्चित रही। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।

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