चंद्रपुर मनपा चुनाव (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur News: विगत आठ वर्ष की प्रदीर्घ प्रतीक्षा के बाद गुरुवार को यहां महानगरपालिका के लिए हुए चुनाव में हर तरफ अफरातफरी देखने को मिली। कहीं पर ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी से मतदान रुका रहा तो कहीं मतदान के बाद मतदाताओं की उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही कुछ ही पल में मिटने की शिकायतें सामने आई। कुछ मतदाताओं के पास वोटर कार्ड होने के बावजूद उनके नाम वोटर लिस्ट में नदारद पाए गए।
शहर के एक मतदान केंद्र पर कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और मारपीट की घटना के बाद पुलिस को भीड़ पर लाठियां चलानी पड़ी। कई परिवारों के कुछ सदस्यों के नाम एक प्रभाग में तो कुछ सदस्यों के नाम अन्य प्रभागों में होने से मतदाताओं में बदहवासी सी नजर आयी। इस मनपा के वर्ष 2017 के सार्वजनिक चुनाव में 52.56 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।
चुनाव हेतु शहर में स्थापित कुल 355 मतदान केंद्रों पर सुबह 7.30 बजे मतदान को शुरुआत हुई। प्रारंभ में शहर के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की धीमी शुरुआत हुई। सुबह साढ़े सात से साढ़े नौ बजे तक यहां औसतन 6.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। शहर के स्लम एरिया में शुरू से मतदान का प्रतिशत अधिक था। शुरुआती 2 घंटे में शहर में सर्वाधिक 9.26 प्रतिशत मतदान भिवापुर और 8।18 मतदान डॉ. बाबासाहब आंबेडकर प्रभाग में दिखाई दिया।
शहर के मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे के बाद से मतदान ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी। सुबह 11.30 बजे तक स्थानीय मनपा के लिए औसतन 15.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। तब भी मतदान का सर्वाधिक 20.46 प्रतिशत मतदान भिवापुर प्रभाग में नजर आया, इसके बाद डॉ. बाबासाहब आंबेडकर प्रभाग में भी 18 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज हुआ था। दोपहर डेढ़ बजे तक इस मनपा के लिए औसतन 26.26 प्रतिशत वोट डाले गए थे। वहीं दोपहर 3.30 बजे तक औसतन 38.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
शहर के एकोरी मंदिर प्रभाग क्रमांक 10 में पुलिस को उस समय हल्का बैतप्रहार करना पड़ा जब यहां के नेहरू विद्यालय के मतदान केंद्र के सामने एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी के पति ललित कासट और भाजपा के एक प्रत्याशी के समर्थित कार्यकर्ताओं के बीच विवाद, शुरू हुआ। इस विवाद का परिणाम कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच झड़प में तब्दील हुआ।
जिससे परिसर में तनाव की स्थिति निर्माण हुई, अनियंत्रित भीड़ पर काबू पाने के लिए यहां पुलिस को लाठियां चलानी पड़ी। इस बीच कासट ने पुलिस अधीक्षक को यहां बुलाने का आग्रह करते हुए बूथ के प्रवेशद्वार पर ही लेट कर धरना दिया। पुलिस को उन्हें मनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के कार्यकर्ताओं में भिड़ंत, पुलिस को करना पड़ा बलप्रयोग 66 सीटों के लिए 451 प्रत्याशियों का भाग्य मशीनों में बंद
शहर के अन्य प्रभागों में जहां एक ओर मतदान का प्रतिशत बेहतर नजर आया वहीं संभ्रांत परिवारों की कॉलनी कहे जाने वाले विवेकनगर प्रभाग में शुरू से सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। शहर के अन्य प्रभागों में दोपहर 3।30 बजे तक 40 प्रतिशत के आसपास मतदान दर्ज किया गया था वहीं विवेकनगर में सिर्फ 34.44 प्रतिशत ही मतदान दर्ज हुआ था।
चुनाव आयोग द्वारा मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद शहर के विवेकनगर प्रभाग क्रमांक 5 के एक मतदान केंद्र पर एक मतदाता ने मतदान करते हुए अपने मोबाइल से वीडियो बनाया, यह वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिससे खलबली मच गई।
शहर के कई इलाकों में मतदाता सूची में नाम नहीं होने की शिकायत मिली, वोटर आयडी कार्ड होने के बावजूद मतदाताओं को वोट दिए बिना ही लौटना पड़ा। एकोरी मंदिर प्रभाग के रहमतनगर वार्ड में एक महिला मतदाता ने बताया कि, उसके पास वोटर कार्ड तो है, लेकिन उसका नाम मतदाता सूची से नदारद है।
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उसने इसे एक साजिश करार दिया। ऐसे ही एक मतदान केंद्र पर एक मतदाता ने आरोप लगाया कि, उसके परिवार में 4 सदस्य वोटर्स है, वे एक ही मकान में रहते है, बावजूद इसके परिवार के कुछ सदस्यों का नाम एक प्रभाग में तो अन्य के नाम किसी दूसरे प्रभाग की मतदाता सूची में डाले गए है।
शहर के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते मतदान प्रक्रिया रुक गई थी। यह तकनीकी खराबी महाकाली मंदिर प्रभाग क्रमांक 12 के संमित्र कॉन्वेंट के मतदान केंद्र पर दिखाई दी। मशीन बंद होने से यहां आधे घंटे तक मतदान रुक गया था। ईवीएम मशीन में ऐसी ही तकनीकी खराबी वडगांव प्रभाग में भी दिखाई दी। जिससे यहां भी करीब 45 मिनट तक मतदान रुका रहा।
कुछ मतदाताओं ने मतदान के दौरान उनकी तर्जनी पर लगाई गई स्याही मतदान के कुछ पलों बाद ही हल्के से पोंछने पर मिटने की शिकायतें की, कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने कहा कि, कार्यकर्ताओं से शिकायतें मिली है कि, जिस मार्कर पेन से स्याही लगाई जा रही है, वह कुछ पलों में मिट रही है।