चंद्रपुर हुआ पानी-पानी, सड़कें बनीं तालाब, निचले इलाकों में जलभराव, मचा हाहाकार

Chandrapur Heavy Rainfall: एक बार फिर बारिश ने कहर बरपाया। शहर में नालों की सफाई के दावों की कलई खुल गई। बैंक वॉटर ने आधे चंद्रपुर शहर को नालों से निकलनेवाले गंदे पानी में डूबो दिया।
Chandrapur Heavy Rainfall: एक बार फिर बारिश ने कहर बरपाया। शहर में नालों की सफाई के दावों की कलई खुल गई। बैंक वॉटर ने आधे चंद्रपुर शहर को नालों से निकलनेवाले गंदे पानी में डूबो दिया।
चंद्रपुर में सड़के लबालब (सौजन्य-नवभारत)
Updated on

Chandrapur Heavy Rainfall: चंद्रपुर में सड़कें तालाब बन गई और वाडों के निचले इलाकों में बाढ की स्थिति पैदा हो गई घुटनों से ऊपर पानी होने से घरों, दुकानों, बैंक, दवाखाने आदि में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है। मनपा की लचर व्यवस्था के कारण बुधवार की दोपहर से हुई लगातार बारिश के कारण लोगों को बैंक वॉटर की बाढ़ का सामना करना पड़ा। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

हालांकि किसी के हताहत होने का समाचार नहीं था। बुधवार की दोपहर से लेकर देर शाम तक हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन पर काफी असर डाला है। दूबरे पर दो आषाढ़ का काम बैंक वॉटर ने किया। शहर के समीप से बहनेवाली वर्धा नदी व उसकी सहायक नदियों द्वारपट, इरई के उफान पर होने और

शहर में कई इलाकों में नाले नालियां चोक होने से गंदा मटमैला पानी सडकों के अलाव निचले इलाकों में जमा होने लगा और देखते ही देखते सडकें तालाब और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति दिखाई देने लगी थी। बारिश का पानी घरों में घुसने से लोग उसे बाहर निकालने में जुटे नजर आए।

बाल बाल बचे छात्र

शहर के गांधी चौक से जटपुरा गेट मार्ग पर सभी जगहों पर घुटनों तक पानी जमा था। लक्ष्मीनारायण मंदिर, लोकमान्य तिलक विद्यालय, आजाद बगीचा चौक, जयंत टाकीज चौक में कमर तक पानी जमा हुआ था। रास्ते पर स्थित दुकानों में पानी प्रवेश कर गया, मोहित मोबाईल, शंकराश्रम लॉज, चंद्रपुर वनविभाग के कार्यालय, बगीचे के पास की दुकानों में पानी नजर आ रहा था। यहां बड़ा नाला है। नाले की सफाई की गई परंतु ड्रेनेज के डेक्कन नहीं लगाए जाने से स्कूल से घर निकले छात्र, महिला पुरूष नाले में गिरते हुए बाल बाल बचे। सौभाग्य से किसी तरह की जीवहानि नहीं हुई।

मनपा की पोल खुली

महानगर पालिका प्रशासन की नाली एवं नाला सफाई अभियान की पोल इस बारिश में खुल गई। नालों पर अतिक्रमण किए जाने से यह स्थिति निर्माण हुई है। यही स्थिति परकोटे के भीतर कस्तूरबा रोड, महात्मा गांधी रोड पर नजर आयी, मच्छीनाले के कारण बस स्टैंड से बंगाली कैम्प परिसर में भी वहीं नजारा था। यही स्थिति जलनगर में आरटीओ रोड पर नजर आयी। यहां की सडके निरंतर बारिश और बैंक वॉटर के कारण तालाब बनी हुई थी।

परकोटे के भीतर जलजला

परकोटे के भीतर कस्तूरबा रोड पर हिन्दी सिटी स्कूल, एसबीआई बैंक के पास स्थित नाले के वजह से बैंक वॉटर से इस परिसर में रोड पर तालाब जैसी स्थिति रही एसबीआई बैंक पानी में डूबी नजर आ रही थी। कई दुकानों, घरों में पानी घुसने से दुकानदारों का भारी नुकसान हुआ। यहां हर वर्ष बारिश में यही स्थिति रहती है। घुटनों से ऊपर पानी सड़क पर बहता है और इसमें से लोगों को वाहनों से निकालने में काफी दिक्कतें पेश आती है।

चंद्रपुर के वरसिध्दी मॉल के पार्किंग में पानी भरने से वाहनों को निकालना कठिन हो गया, यही स्थिति महात्मा गांधी रोड पर आजाद बगीचे के सामने होती है यहां भी सड़क पर तालाब की स्थिति होने से वाहन चालकों को आगे बढने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। साइकिल, दुपहिया वाहन से जानेवालों के लिए पानी से वाहन निकालना कठिन हो रहा था। स्कूल से घर निकले साइकिल सवार छात्रों को काफी दिक्कतें पेश आयी। दुकानों में पानी भरने से कीमती सामान पानी में भीग जाने से दुकानदारों का भारी नुकसान हुआ।

तुकूम, विवेकनगर, शाश्रीनगर में जलभराव

परकोटे के बाहर तुकूम परिसर और शास्त्रीनगर में कई वर्षों के बाद बाढ़ की स्थिति देखने को मिली। यहां निचले इलाकों, घरों में आंगन, अपार्टमेंट के बेसमेट में जलभराव से लोग घरों में कैद से हो गए। लोगों के वाहन पानी में डूबे हुए थे। घरों में गंदगी युक्त पानी आने से बदबू और सड़न ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। लोग लगातार हो रही बारिश से हलाकान थे बदबूदार गंदे पानी ने उन्हें चिंता में डाल दिया। तुकूम में ट्रैफिक कार्यालय के सामने, वरोरा नाका उड्डानपुल तक, शांतनु लॉन परिसर में सड़कों पर जलभराव नजर आ रहा था।

Navbharat Live
navbharatlive.com