Chandrapur News: चंद्रपुर में बाढ़ का कहर, धान-कपास-सोयाबीन की सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद

Chandrapur Crop Damage: चंद्रपुर जिले में भारी बारिश और बाढ़ के बाद सैकड़ों हेक्टेयर में धान, कपास, सोयाबीन और मक्का की फसलें बर्बाद होने लगी हैं। तीन दिन तक पानी में डूबी फसलों की जड़ें सड़ रही हैं।
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चंद्रपुर फसल नुकसानएआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chandrapur Flood: चंद्रपुर जिले में पिछले तीन दिन निर्माण हुई बाढ़ की गंभीर परिस्थितियों के दुष्प्रभाव अब धीरे धीरे सामने आने लगी है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारी बारिश और नदियों के उफान के चलते सैंकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र की फसल बर्बाद होने की स्थिति स्पष्ट होने लगी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाढ़ का पानी जैसे जैसे उतरने लगा है, उक्त क्षेत्रों में धान, कपास, सोयाबीन तथा मवका की फसलें बबर्बाद होने का दुर्भाग्यपूर्ण चित्र उभरकर सामने आने लगा है।

यह फसलें तीन दिन तक बाढ़ के पानी से घिरी रहने के कारण उक्त फसलों की जड़ें अब सड़ने लगी है। जिससे संबंधित किसानों की आंखों से आंसू छलकने लगे है। उल्लेखनीय है कि, जिले के साथ साथ समीपवर्ती सभी जिलों में पिछले सप्ताह हुई अत्यधिक बारिश के कारण जिले से गुजरने वाली वर्धा, इराई, झरपट समेत कई अन्य नदियां तथा नालें उफान पर थे।

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तीन दिन पानी में डूबी फसलें सड़ने लगीं

जिससे न केवल जिले में नदी किनारे बसे कई गांव तथा चंद्रपुर शहर की कई बस्तियां जलमग्न हुई थी। शुक्रवार की रात से जिले में नदी किनारे बसे क्षेत्रों में वर्धा, इराई तथा झरपट नदियों का पानी प्रवेश करने लगा था। अचानक निर्माण हुई इस बाढ़ की स्थिति के चलते जिले के कई बाढ़ प्रभावित गांवों तथा शहरी बस्तियों से बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर स्थलांतरित करना पड़ा था। बाढ़ का यह पानी प्रभावित क्षेत्रों में - तीन दिनों तक कायम रहा तथा बाद में यह - पानी उतरना शुरू हुआ था।

अंकुरित फसल हो गयी खराब

बताया जाता है कि, खेतों में लगातार तीन दिनों तक बाढ़ का पानी तथा कीचड़ जमा होने से कई हेक्टेयर क्षेत्रों में अंकुरित फसल खराब हो चुकी है, सोयाबीन, कपास, धान, मक्का की यह फसलें अब सड़ने लगी है। हाथ में आनेवाली लहलहाती फसलों को यकायक बर्बाद होता देख अब किसानों की आंखें नम हो रही है। किसानों को अब महीनों की उनकी मेहनत, लागत पानी में बह जाने से आनेवाले दिनों में उन्हें भारी वित्तीय संकट का सामना करने की नौबत आ गयी है। जिले में बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान की समूची जानकारी लेने में अब प्रशासन तथा कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है।

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