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16 अक्टूबर को धम्मचक्र अनुप्रवर्तन समारोह के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और बुद्ध वंदना के बाद जटपुरा गेट, प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी चौक और वरोरा नाका मार्ग से रैली निकाली गई।
भिक्खु संघ ने सामूहिक बुद्ध वंदना और धम्म प्रवचन किए, जबकि हेमंत शेंडे के दल ने प्रेरणागीत प्रस्तुत किए।
Chandrapur Dikshabhoomi: धम्मचक्र अनुप्रवर्तन समारोह के दूसरे दिन, 16 अक्टूबर को चंद्रपुर की दीक्षाभूमि पर भीम अनुयायियों का जनसैलाब उमड़ा। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी और दीक्षाभूमि विहार विकास समिति के आयोजन में भव्य रैली, सामूहिक बुद्ध वंदना, धम्म प्रवचन और वैचारिक परिसंवाद के माध्यम से परिसर धम्ममय हो गया। नागपुर महामार्ग पर कोई भीड नहीं, चांदा क्लब ग्राउंड पर विविध स्टॉल, किताबों की जमकर खरिद, कार्यक्रमों में सुचारुता आदि कई कारणों से इस वर्ष यह दो दिवसीय समारोह यादगार बन गया।
संस्था अध्यक्ष अरुण घोटेकर के नेतृत्व में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सामूहिक बुद्ध वंदना के बाद रैली निकाली गई। भिक्खु संघ और समता सैनिक दल के अनुशासित पथसंचलन के साथ निकली रैली जटपुरा गेट, प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी चौक और वरोरा नाका मार्ग से दीक्षाभूमि पहुंची।
यहां बाबासाहेब आंबेडकर के अस्थिकलश को अध्यक्ष अरुण घोटेकर और कार्यक्रम अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई के हाथों बुद्ध विहार में दर्शन के लिए रखा गया। समता सैनिक दल की छात्राओं ने भदंत सुरेई ससाई को मानवंदना दी। इस दौरान बाबासाहेब के आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध रहने की शपथ भी दिलाई गई। हेमंत शेंडे और उनके दल के प्रेरणागीतों के बाद भिक्खु संघ ने सामूहिक बुद्ध वंदना और धम्म प्रवचन किए।
सुबह 11 बजे 'त्रिरत्न धम्मक्रांति और भारतीय संविधान' विषय पर परिसंवाद आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रा. रवि कांबले ने की। भदंत डॉ. वण्णासामी (अरुणाचल प्रदेश), डॉ. जसबिरसिंग चावला (कोलकाता) और डॉ. आनंद भालेराव (नांदेड) ने मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में भदंत सुमनवन्नो, भदंत नागशेन, भदंत धम्मप्रकाश, भदंत प्रज्ञाबोधी, भदंत महानागा, भदंत बुद्धादीप और भंते धम्मप्रिया सहित भिक्खु संघ उपस्थित था। संस्था के उपाध्यक्ष मारोतराव खोब्रागड़े, सचिव वामनराव मोडक, कुणाल घोटेकर, अशोक घोटेकर, शैलेंद्र शेंडे, राकेश गेडाम, डॉ. राहुल घोटेकर और प्राचार्य डॉ. राजेश दहेगांवकर भी मौजूद रहे।