

Sarpanch Administrator Controversy: जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जनवरी से दिसंबर 2026 के दौरान कार्यकाल पूरा कर रही 627 ग्राम पंचायतों के आम चुनाव के लिए प्रभाग रचना कार्यक्रम की घोषणा की है।
महाराष्ट्र राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने अध्यादेश जारी कर कम से कम 6 महीने या ग्राम पंचायत चुनाव होने तक सरपंचों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी की है। हालांकि, विभाग द्वारा दोहरे मापदंड अपनाने का मामला सामने आया है। वर्ष 2024 में कार्यकाल समाप्त होने वाली 36 ग्राम पंचायतों में सरपंचों को प्रशासक नियुक्त नहीं किया गया, जिससे संबंधित सरपंचों में नाराजगी है।
ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक ग्रामपंचनी-2025/प्र.सं. 131/ई-1409623/पं.रा.2 दिनांक 17 फरवरी 2026 के अनुसार जिले की 627 ग्राम पंचायतों के प्रभाग गठन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसके तहत प्रभाग संरचना का प्रारूप तैयार कर उसका सत्यापन किया जा रहा है। प्रभागवार नक्शों का परीक्षण भी जारी है और मॉडल ‘बी’ के तहत प्रारूप प्रभाग संरचना का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत आम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
नियमों के अनुसार यह प्रक्रिया ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से 6 महीने पहले पूरी की जानी चाहिए थी, लेकिन राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने 20 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर मौजूदा सरपंचों को 6 महीने के लिए प्रशासक नियुक्त करने का आदेश दिया है।
पूर्व सरपंच योगेश पौताराजे ने कहा कि उनकी ग्राम पंचायत का कार्यकाल अगस्त 2024 में समाप्त हो गया था। उस समय पंचायत विस्तार अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार कार्यकाल समाप्त हो रही ग्राम पंचायतों में सरपंचों को प्रशासक बना रही है, जबकि उनकी ग्राम पंचायत सहित जिले की 36 ग्राम पंचायतों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियम सभी ग्राम पंचायतों पर समान रूप से लागू होते हैं, तो फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।